सूरत (गुजरात) : अपराधी वह व्यक्ति होता है जो हत्या, चोरी, डकैती, भ्रष्टाचार, या कोई अन्य गैरकानूनी कार्य करता है, यह उसका एक पेशा होता है, जिसको लेकर वह काफी दुस्साहसी होता है, ऐसे में उसका सुधारना मुश्किल होता है। वहीँ मामला है उत्तर प्रदेश के हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी हत्याकांड में जेल की सजा काट चुका आरोपी यूसुफ पठान एक बार फिर संगीन अपराध में लिप्त पाया गया है। जमानत पर बाहर आने के बाद जबरन कार हड़पने के मामले में पुलिस ने उsको गिरफ्तार कर आज उनका जुलूस भी निकाला है, आरोपी अपनी आपराधिक मानसिकता से बाहर नहीं आ पा रहा है।
चाकू दिखाकर कार छीनने का आरोप :
इसके साथ ही जानकारी सामने आई है कि आरोपी यूसुफ पठान ने अपने परिचित इकबाल सिद्दीकी को चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और उससे 7 लाख रुपए की कार जबरन छीन ली। इतना ही नहीं कार की आरसी बुक भी अपने कब्जे में ले ली। इस कार की किश्त भी पीड़ित को ही भरना पड़ रहा है। वहीँ इस मामले में आरोपी यूसुफ पठान लगातार उसे लगातार धमकाता रहा। इसकी शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दे रहा था। उसकी धमकियों डरकर पीड़ित ने पुलिस से संपर्क किया। सूरत के लिंबायत थाने में दर्ज शिकायत के आधार पर पुलिस ने रंगदारी और धमकी का केस दर्ज आरोपी को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया और उसका जुलुस निकाला।
साढ़े पांच करोड़ रुपए के साईबर धोखाधड़ी में भी शामिल :
वहीँ मामले की जांच के दौरान एक और बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी यूसुफ पठान ने गुजरात के महासागर जिले के लूनावाड़ा में सामने आए करीब साढ़े पांच करोड़ रुपए के साईबर धोखाधड़ी में भी शामिल है। पुलिस को यह भी शक है कि वह बड़े अंतरराष्ट्रीय साईबर गिरोह का हिस्सा है। पुलिस ने आज उसे ऐसा सबक सिखाया है और दूसरे अपराधियों को भी मैसेज दिया है कि कायदे में रहोगे तो फायदे में रहोगे।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने लिया संज्ञान :
सूरत डीसीपी कानन देसाई ने बताया है कि सूरत के लिंबायत थाने में मोहम्मद इकबाल सिद्दीकी ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि कानपुर का रहनेवाला मोहम्मद यूसुफ पठान ने शिकायत कर्ता मोहम्मद सिद्दीकी की क्रेटा कार जबरन हथिया ली थी। वह यूपी के हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या में भी शामिल था और इन दिनों जमानत पर बाहर आया था। इस शिकायत के बाद मोहम्मद इकबाल सिद्दीकी के खिलाफ सूरत के लिंबायत थाने में शिकायत दर्ज करवाई गई थी। पुलिस ने यूसुफ पठान को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ कार्यवाही की।
पुलिस को प्राथमिक जांच में पता चला है कि गुजरात के महीसागर जिले में साढ़े पांच करोड़ का साईबर धोखाधड़ी किया था। साईबर धोखाधड़ी के पैसे सर्वोदय ट्रस्ट के अकाउंट में ट्रांसफर करवाता था, और ट्रस्ट को 25% कमीशन देता था। इसके साथ ही पुलिस को आशंका है कि पूरा रैकेट दुबई से चलाया जाता था, उसकी भी पुलिस जांच कर रही है। कमलेश तिवारी हत्याकांड में हथियार देने के मामले में पुलिस ने उनको गिरफ्तार किया गया था। पुलिस अब पूरे रैकेट का दुबई कनेक्शन की जांच कर रही है।



