संजय अठवानी से ठगी करने वाले ठगबाज पुलिस की गिरफ्त में, लाखों का लगाया था चूना, पूजा-पाठ का झांसा देकर ऐंठे थे पैसे।

दुर्ग/भिलाई : ठगों के तरीके रोजाना नये-नये रूप में सामने आ रहे है, ऐसे में जहाँ आप जागरूक भी हों तो भी ठगी के शिकार हो ही सकते है, वहीँ सामने आये मामले के अनुसार दुर्ग में अंधविश्वास और पूजा-पाठ के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह मामला छावनी थाना क्षेत्र का है, जहां आरोपियों के पास से ठगी के आठ लाख रुपये नकद और चार मोबाईल फोन भी बरामद किए गए हैं। वहीँ मामले में पुलिस एक अन्य फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।

पीड़ित को झांसे में लेकर ठगी की योजना :

इस घटना का खुलासा तब हुआ जब सिंधी कॉलोनी, दुर्ग निवासी संजय अठवानी ने छावनी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, करीब 15 दिन पहले दो व्यक्ति साइकिल देखने के बहाने उसकी दुकान पर आए हुये थे। जहाँ उन्होंने अपना नाम राजू बताया और संजय का मोबाईल नंबर भी ले लिया। वहीँ बातचीत के दौरान, उन्हें पता चला कि संजय की मां की तबीयत अक्सर खराब रहती है। फिर उन्होंने कुछ दिन बाद संजय को इस मामले में फोने लगाया और इसी बात का फायदा उठाते हुए, राजू ने दावा किया कि वह पूजा-पाठ और देवी साधना के माध्यम से उसकी मां को पूरी तरह स्वस्थ कर देगा, लेकिन इसके लिए उसे कुछ खर्च करना पड़ेगा।

नारियल-पैसे से शुरू हुई ठगी, अंततः लाखों की रकम हड़पी :

वहीँ शुरुआत में, आरोपी राजू ने 16 जनवरी को चढ़ावे के तौर पर एक नारियल और 1100 रुपये लिए। फिर कुछ दिन बाद, उन्होंने विधिवत पूजा कराने की बात कही, जिससे मां के पूर्ण स्वस्थ होने का आश्वासन दिया गया। इसके लिए, मां के पहने हुए सोने के कंगन और अलमारी में रखे आठ लाख 82 हजार रुपये नकद घर के मंदिर में रखने को कहा गया। इसके बाद, आरोपियों ने कंगन और रकम लेकर पीड़ित को पावर हाउस रेलवे स्टेशन के पास बुलाया गया। जहाँ उन्हें कंगन और आठ लाख 82 हजार रुपये सौंपने के बाद घर चले जाने को कहा गया, और यह आश्वासन दिया गया कि वे शाम को आकर पूजा करवा देंगे। हालांकि, जब शाम को पीड़ित ने फोन किया तो मोबाईल बंद मिला, जिससे उसे ठगी का एहसास हुआ। इस तरह ठगों ने इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया।

सीसीटीवी फुटेज से खुला राज, पुलिस ने की कार्यवाही:

पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें वारदात को अंजाम देने वाले तीन लोग कैद हुए। पुलिस ने उनका पीछा करते हुए सरोना स्थित एक मकान पर दबिश दी। यहां से उत्तर प्रदेश के चित्रकूट निवासी बाबूलाल और हाथरस निवासी गीता राय को गिरफ्तार किया गया है। मामले की पूछताछ में उन्होंने ठगी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है। हालांकि, मुख्य आरोपी शंकर उर्फ राजू पुलिस की गिरफ्त से फरार है, जिसकी तलाश पुलिस द्वारा जारी है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंद राठौर ने बताया है कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही थी। सीसीटीवी फुटेज से मिले सुराग के आधार पर आरोपियों को रायपुर के सरोना में दबोचा गया है। उनके पास से ठगी के आठ लाख रुपये और चार मोबाईल बरामद हुए हैं। जिसके बाद गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया गया है।