मुसलमान युवक की जिम में हुई घटना, सामने आया ‘जिम जिहाद’, मामले में CISF का हेड कांस्टेबल इरशाद गिरफ्तार।

मिर्जापुर (उ.प्र.) :जिहाद का सामान्य शाब्दिक अर्थ है, कि आप अपने जीवन में संघर्ष करो, प्रयास या जद्दोजहद से बेहतर कार्य करो है, जिसका मतलब अल्लाह के रास्ते में किसी नेक काम के लिए पूरी क्षमता से कोशिश करना है, जिसमें सबसे पहले आत्म-सुधार (बड़ा जिहाद) और रक्षात्मक युद्ध (छोटा जिहाद) दोनों शामिल हैं। हालांकि मुस्लिम वर्ग के कुछ लोगों द्वारा गलत व्याख्याओं के कारण इसे अक्सर “पवित्र युद्ध” या आतंकवाद से जोड़ दिया जाता है, जो कि गैर मुस्लिमों के खिलाफ होता है, वहीँ अब जिहाद के नाम पर नया मामला सामने आया है।

सामने आई जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश में कथित जिम जिहाद के मामले सामने आए हैं। यहाँ मिर्जापुर जिले की पुलिस ने थाना कोतवाली देहात पर दर्ज धर्मांतरण से जुड़े मामले में हेड कांस्टेबल इरशाद खां को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में यह छठवी गिरफ्तारी है। इस मामले में गुरुवार (22 जनवरी) की दोपहर एसपी सोमेन बर्मा ने भदोही जीआरपी में तैनात हेड कांस्टेबल इरशाद खां को गिरफ्तार किया है।

गुरुवार (22 जनवरी) की सुबह पुलिस मुठभेड़ के दौरान वांछित मुख्य आरोपी फरीद खां को खड़ंजाफाल में गिरफ्तार किया गयाथा, इसके कुछ घंटे बाद ही हेड कांस्टेबल इरशाद खां को गिरफ्तार कर लिया गया। थाना कोतवाली देहात पर दो अलग-अलग पीड़िताओं द्वारा दी गई तहरीरों के आधार पर गंभीर आरोप दर्ज किए गए थे। इस मामले के मुख्य आरोपी फरीद खां कथित तौर पर जिम जिहाद का गिरोह चलाता था, यह काम फरिद खां जिम मालिकों की मदद से करता था।

इस मामले में दावा है कि सबसे पहले आरोपियों द्वारा जिम जाने वाली हिंदू युवतियों से दोस्ती की जाती, फिर उन्हें धर्म परिवर्तन करने के लिए प्रेरित करता था, उन्हें ब्लैकमेल भी किया जाता था और उनके नग्न विडियो भी बनाये जाते थे। इसी मामले में मिर्जापुर पुलिस ने 5 जिमों को सील किया है। हालांकि यह सारी जानकारी सिर्फ अभियोजन पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर है। अभी इस मामले में आरोपियों की ओर से अपना पक्ष नहीं रखा गया है। इसके साथ ही पुलिस मामले की बारीकी से जांच भी कर रही है।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल दो मामले पंजीकृत किए गए और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा के निर्देश पर एसओजी सहित चार पुलिस टीमों का गठन किया गया. विवेचना के दौरान 20 जनवरी 2026 को दो अभियुक्त मोहम्मद शेख अली आलम और फैजल खान को गिरफ्तार किया गया। इनके मोबाईल फोन व अन्य डिजिटल साक्ष्य के आधार पर आगे की कार्यवाही में जहीर और शादाब को भी गिरफ्तार किया गया है। इस घटना ने जिम जाने वाली युवतियों को मुसीबत में डाल दिया है।

अभी तक इस मामले की जांच में सामने आया है कि अभियुक्त जहीर केजीएन-01 जिम का मालिक है तथा केजीएन-02, केजीएन-03 और आयरन फायर जिम से भी अभियुक्त जुड़े रहे हैं। पीड़िताएं इन्हीं जिमों में जाती थीं. साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस ने संबंधित जिमों को सील कर दिया है।. सभी 6 गिरफ्तार आरोपियों के नाम और उम्र कुछ इस प्रकार हैं. मोहम्मद शेख अली आलम (31 वर्ष), फैजल खान (34 वर्ष), जहीर (32 वर्ष), शादाब (36 वर्ष), फरीद अहमद (28 वर्ष) और जीआरपी के हेड कांस्टेबल भी इसमें शामिल बताये गये है। वहीँ सूत्रों ने इस जानकारी को सही बताया है, जिसमें जिम में सिर्फ हिन्दू युवतियों को ही टारगेट किया जाता था।