गरियाबंद : नक्सली उन्मूलन अपने चरम पर है, नक्सली समस्या अब अंतिम साँसे गिन रही है, 31 मार्च तक नक्सल समस्या पूर्ण रूप से खत्म हो जायेगी, इसका सरकार ने दावा किया है। वहीँ अब छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एंटी-नक्सल ऑपरेशन के तहत सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। यहाँ संयुक्त ऑपरेशन में जवानों ने नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियारों और गोला-बारूद के एक बड़े ‘डंप’ को बरामद किया है। इस बरामदगी में पुलिस बल से लूटी गई एक राइफल भी शामिल है, जिसे जब्त कर लिया गया है।
संयुक्त ऑपरेशन में मिली सफलता :
यह कार्यवाही जिला पुलिस बल की ई-30 (E-30) ऑपरेशन टीम और CRPF द्वारा संयुक्त रूप से की गई है, सुरक्षा बलों को यह जानकारी आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों से पूछताछ के दौरान मिली थी। जिसके बाद इस कार्यवाही को अंजाम दिया गया है, आत्मसमर्पित नक्सलियों द्वारा बताए गए गुप्त ठिकानों पर जब जवानों ने दबिश दी, तो भारी मात्रा में घातक सामग्री बरामद हुई। सुरक्षा बलों ने जिले के तीन संवेदनशील इलाकों में सर्चिंग ऑपरेशन चलाया- पीपरछेड़ी, कमारभौदी, मैनपुर के कुकरार जंगल में, जहां से हथियारों और विस्फोट सामग्री बरामद की गई है।
बरामद हथियारों और सामग्री की सूची :
नक्सलियों ने जमीन के नीचे इन हथियारों को दबाकर कर रखा हुआ था, जिनमें शामिल हैं:
- 01 लूटी गई राइफल (पूर्व में पुलिस बल से छीनी गई)।
- 01 देसी पिस्टल।
- 12 बोर के 31 राउंड कारतूस।
- 43 नग डेटोनेटर (विस्फोटक के लिए इस्तेमाल होने वाले)।
- बड़ी संख्या में कारतूस और अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री।
नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका :
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आत्मसमर्पण किये हुये नक्सलियों से मिली जानकारी पर हुई इस कार्यवाही ने नक्सलियों की बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। यहाँ इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक और हथियारों का मिलना यह दर्शाता है कि नक्सली किसी बड़ी घटना की फिराक में थे। फिलहाल इलाके में सर्चिंग ऑपरेशन और तेज कर दिया गया है। सक्रिय नक्सलियों की तलाशी जारी है।



