गरियाबंद में सांप्रदायिक तनाव, दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प, घरों में लगाई गई आग, आरोपी आरिफ ने जेल से निकलते ही मचाया उत्पात।

राजिम/गरियाबंद : गरियाबंद में सांप्रदायिक तनाव अपने चरम पर है, मामले के अनुसार छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के दुतकैंया गांव में शिवलिंग खंडित करने के एक पुराने विवाद के चलते रविवार को दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हुई है। इस दौरान एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के घरों पर हमला कर आगजनी भी की है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है। घटना को लेकर गुस्साए लोगों ने पुलिस पर भी पथराव किया, जिसमें एक जवान घायल हो गया। उसे बेहोशी की हालत में अस्पताल ले जाया गया। देर रात आईजी भी घटनास्थल पर पहुंचे। घायलों को रायपुर के डॉ. आंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराए जाने की बात सामने आ रही है।

मामले में मिली जानकारी के अनुसार, यह विवाद एक साल पहले मंदिर में शिवलिंग तोड़ने से संबंधित है। जेल से जमानत पर छूटे आरोपी आरिफ और उसके साथियों ने हंगामा मचाया और शिकायतकर्ता और गवाहों के साथ मारपीट की। पिछले वर्ष दुतकैंया गांव में शिव मंदिर के खंडन का मामला सामने आया था, जिसमें पुलिस ने आरिफ सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद आरोपी अभी जेल से छूटा है।

जमानत पर छूटने के बाद आरोपी आरिफ रविवार को दिन में 2-3 बजे के आस-पास अपने दोस्तों के साथ मिलकर शिवलिंग के मामले में शिकायत दर्ज करवाने वाले युवकों से विवाद करने पहुंच गया था। यहां आरोपियों ने गांव के कुछ युवकों पर रॉड और पत्थरों से हमला कर दिया। जिसके बाद आरोपी आरिफ और उसके साथी मौके से भाग गये।मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने चुन-चुनकर रास्ते से गुजर रहे युवकों पर प्रहार किया। सबसे पहले सब-स्टेशन में ड्यूटी कर रहे अरविंद साहू के सिर पर प्राणघातक हमला किया गया। हमले का सिलसिला यहीं नहीं रुका। राजिम मेला जा रहे नरेंद्र साहू के हाथ पर वार किया गया, जबकि रेखु यादव की भुजा पर हुए प्रहार से हड्डी फ्रैक्चर होने की आशंका है। इसके अलावा परमानंद साहू के साथ भी मारपीट की गई।

वहीँ फिर दूसरे पक्ष के युवकों ने गांववालों को इसकी जानकारी दी। इस पर हिंदू समुदाय के ग्रामीण उस क्षेत्र में पहुंच गये, जहां आरिफ और अन्य अरोपियों के घर थे। यहां पर मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने मामले को शांति से निपटाने के बजाए उसे और तूल दे दिया। देखते ही देखते रविवार शाम 6 बजे के करीब विवाद ने बलवे और आगजनी का रूप ले लिया, जिसके बाद दोनों समुदाय आमने-सामने आ गये।

इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस-प्रशासन मौके पर पहुंचा। लेकिन उग्र ग्रामीणों ने पुलिस पर भी पथराव कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया गया। इस बलवे में दोनों पक्षों के कई ग्रामीण घायल हो गए हैं। वहीं एक पुलिस का जवान भी घायल है। घायलों को रायपुर के डॉ. अंबेडकर अस्पताल लाया गया है।

कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची :

दो समुदायों के बीच हुए विवाद ने अचानक उग्र रूप ले लिया, जिसके बाद गांव में हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनायें बड़ी संख्या में हुईं। इस घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत और तनाव का माहौल बन गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राजिम, फिंगेश्वर, महासमुंद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया। दमकल वाहन भी लगाए गए। क्षेत्र में कर्फ्यू जैसे हालात बन गए, इस बीच मौके पर एसपी और आईजी मौके पर पहुंचेऔर हिंसा भड़काने वाले तीन आरोपियों को रविवार देर रात ही गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस पर पत्थरबाजी करने वालों की पहचान की जा रही है।फिलहाल क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है। लोगों में गांव अभी भी भारी पुलिस मौजूद है। बाहरी लोगों के आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।

पुलिस ने स्थिति पर पाया नियंत्रण :

एसपी वेदव्रत सिरमौर ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी गई है। घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही की जायेगी। आगजनी और तोड़फोड़ से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।