कानपुर के मुफ्ती आलम, उंगली के इशारों पर नचाते हैं भूत-प्रेतों को, आत्माओं की भी लगाते हैं अदालत, चर्चा में है ये मामला, जानें….।

कानपुर (उ.प्र.) : हिन्दू संतों महात्माओं को लेकर कई बार चर्चा होती है, लेकिन विज्ञान को प्राथमिक मानने वाले और अन्धविश्वास को लेकर लोगों को जागरूक करने वाले उन्हें लेकर कई बार बवाल पैदा कर देते है, वहीँ सामने आया मामला भी कुछ ऐसा ही, जिसमें उ.प्र. के कानपुर में एक ऐसे मुफ़्ती का वीडियो सामने आया है, जिसमें वह लोगों को नकारात्मक शक्तियों से निजात दिलाते हुए दिख रहे हैं। वहीँ इनका नाम मुफ्ती आलम है और उनका दावा है कि उनके पास हर समस्या का हल है। मुफ़्ती का दावा है कि भूत प्रेत तो उनकी उंगली के इशारों पर नाचते हैं और उनके यहां आत्माओं की अदालत लगती है। वहीँ इस मामले को लेकर अभी कोई बवाल तो नहीं हुआ है, लेकिन मुफ़्ती चर्चा में जरुर है।

कौन हैं बाबा मुफ्ती आलम?

मुफ्ती आलम की उम्र महज 28 साल है और वह कानपुर नगर के मकनपुर के निवासी हैं। उनका दावा है कि वह लोगों को प्रेतात्माओं से छुटकारा दिलाते हैं और कभी-कभी प्रेतात्माएं उनसे आकर बातें भी करती हैं। इस मामले में मिली जानकारी के मुताबिक,  मदरसे से शिक्षा हासिल करते वक्त मुफ़्ती की आर्थिक स्थिति खास नहीं थी लेकिन देखते ही देखते मुफ़्ती इतना प्रसिद्द हो गए कि उन्होंने एक आलीशान मदरसा बना दिया और यहां प्रेतात्माओं के लिए एक महंगा ऑफिस भी तैयार कर लिया। जिसको लेकर अब बड़ी चाचाओं का बाज़ार गर्म है।

मुफ़्ती को लेकर उठ रहे तमाम सवाल :

एक तरफ कुछ बाबा लोगों को नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति दिलाने का दावा करते हैं, वहीं दूसरी तरफ लोग उनके ऊपर सवाल भी उठा रहे हैं। सवाल ये भी है कि एक समय में खुद समस्याओं से जूझ रहे मुफ़्ती आलम अचानक करोड़पति कैसे बन गये? मुफ़्ती आलम के पास लाखों रुपए कहां से आते हैं, ये तो जांच के बाद ही पता चलेगा लेकिन देश से लेकर विदेश तक इनके फॉलोअर हैं। इनके धार्मिक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी लाखों की संख्या में उनके फॉलोअर्स हैं, जो चर्चा का विषय है।

जानकार मानते हैं कि पहले भी इस तरह के तमाम बाबा सामने आए हैं, जो लोगों को नकारात्मक ऊर्जा से मुक्त कराने का दावा करते हैं। इन दावों में कितनी सच्चाई है, ये तो जांच का विषय है। इसलिए अगर आप किसी भी समस्या से पीड़ित हैं तो डॉक्टर के पास जाएं और अंधविश्वास से बचें। वहीँ अब इनको लेकर क्या कोई विरोध करने सामने आता हैं या इनको कोई चुनौती देता है, ऐसे में इस मामले में अभी कुछ कहना मुश्किल है, लेकिन लोगों ने हिन्दू संतों पर ऊँगली उठाने वालों से इनको लेकर सवाल पूछा है।