रायपुर : प्रशासन को जब राजस्व की जरूरत होती है वो तभी जागता है और कार्यवाही करता है, फिर भी जब राजस्व नहीं मिलता तो नये नियम बनाकर राजस्व जुटाने का प्रयास करता है, जैसे तेलीबांधा मरीन ड्राइव में पार्किंग वसूली और भाटागांव बस बस स्टैंड में पार्किंग शुल्क लगाकर। वहीँ अब जब वित्तीय वर्ष समाप्ति की तरफ है तो फिर निगम ने तालाबंदी की कार्यवाही शुरू कर दी है, राजधानी के जोन क्रमांक 10 में बकाया संपत्ति कर की वसूली को लेकर नगर निगम ने सख्त कदम उठाया है। कई वर्षों से संपत्ति कर जमा नहीं करने वाले बड़े बकायादारों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए उनके संस्थानों को सील की गई है। इस कार्यवाही के बाद बकायादारों में हड़कंप मच गया है।
वहीँ नगर निगम ने पूर्व में संबंधित बकायादारों को डिमांड बिल, डिमांड नोटिस एवं अंतिम नोटिस जारी किया था। इसके बावजूद निर्धारित समय सीमा तक संपत्ति कर जोन कार्यालय में जमा नहीं किया गया है। इसके बाद निगम प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए बकायादारों के व्यावसायिक परिसरों को ताला लगाकर सीलबंद करने की कार्यवाही की है, बड़े रसूखदारों पर निगम ने अब तक कार्यवाही क्यूँ नही की थी, ये निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, वहीँ छोटे बकायादारों पर निगम की कार्यवाही तुरंत होती है।
वहीँ इस कार्यवाही से नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बकाया कर जमा नहीं करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्यवाही जारी रहेगी। प्रशासन ने सभी करदाताओं से अपील की है कि वे समय पर संपत्ति कर जमा कर अनावश्यक कार्यवाही से बचें।
इस बकायादारों पर हुई कार्यवाही :




