राम मंदिर पर हमले की साजिश रचने के आरोपी अब्दुल रहमान को बैरक में साथ रहने वाले अरुण चौधरी ने उतारा मौत के घाट।

फरीदाबाद (हरियाणा) : फरीदाबाद जेल में बंद अयोध्या निवासी अब्दुल रहमान की हत्या कर दी गई है, मृतक के साथी कैदी द्वारा सिर पर गंभीर हमले की वजह से उसकी मौत हुई है, मामले मेमिली जानकारी के मुताबिक, 19 वर्षीय अब्दुल रहमान पर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप था। मार्च 2025 में हरियाणा एसटीएफ और गुजरात ATS ने उसे गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के दौरान एसटीएफ ने अब्दुल रहमान के पास से दो जिंदा हैंड ग्रेनेड बरामद करने का दावा किया था। जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि, अब्दुल रहमान के आईएसआई से कथित संबंध है। अब्दुल रहमान अयोध्या के इनायत नगर थाना क्षेत्र का रहने वाला था और अपने परिवार का इकलौता वारिस था। सूत्रों के अनुसार, रविवार रात जेल में बंद साथी कैदी अरुण चौधरी ने सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी।

वहीँ घटना के बाद परिजनों को अब तक मौत की सूचना नहीं दी गई है। जेल प्रशासन की ओर से परिजनों को केवल अस्वस्थ होने की सूचना दी गई थी। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले ही परिजन उससे मुलाकात कर अयोध्या लौटे थे। आज दोबारा जेल प्रशासन के फोन के बाद परिजन फरीदाबाद के लिए रवाना हो गए हैं। इस घटना से जेल प्रबंधन पर भी सवाल खड़े हो गये है।

फरीदाबाद जिला जेल के उच्च सुरक्षा बैरक में रविवार रात लगभग 8 बजे अब्दुल रहमान पर हमला हुआ। सूत्रों के अनुसार, साथी कैदी अरुण चौधरी ने नुकीली चीज या पत्थर से लिपटा कपड़ा से सिर पर गंभीर प्रहार किया। इस भयानक हमले के बाद अब्दुल रहमान को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जेल प्रशासन ने घटना की पुष्टि की है और जांच शुरू कर दी गई है।

इस मामले में सामने आया है की अब्दुल रहमान अयोध्या जिले के मिल्कीपुर क्षेत्र के इनायत नगर थाना क्षेत्र का निवासी था, उसकी उम्र 19 साल है। वह परिवार का इकलौता बेटा था, बताया गया है कि वह पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी के समपर्क में था, मार्च 2025 में हरियाणा एसटीएफ और गुजरात एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) की संयुक्त कार्यवाही में फरीदाबाद के पाली गांव के पास से उसे गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के समय उसके पास से दो जिंदा हैंड ग्रेनेड बरामद होने का दावा किया गया था, जिन्हें बाद में निष्क्रिय कर दिया गया, साथ ही डेढ़ लाख रूपये बरामदगी की जानकारी भी सामने आई है। वहीँ जांच एजेंसियों ने उसे राम मंदिर परिसर पर ग्रेनेड हमले की साजिश रचने का आरोपी बताया था। कुछ सूत्रों ने उसके पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई या आईएसआईएस से जुड़े होने का भी जिक्र किया था।

परिवार फरीदाबाद रवाना :

इस घटना के बाद जेल प्रशासन ने परिवार को तुरंत मौत की सूचना नहीं दी। पहले केवल “अस्वस्थ” होने की जानकारी दी गई। दो दिन पहले ही परिजन जेल में मुलाकात कर अयोध्या लौटे थे। जेल से दोबारा फोन आने के बाद परिवार आज फरीदाबाद के लिए रवाना हो गया है। घटना के बाद पोस्टमॉर्टम और जांच प्रक्रिया जारी है।