नई दिल्ली : सोना चांदी का प्रयोग अब आम जनजीवन में गहनों से ज्यादा इलेक्ट्रोनिक उत्पादों के लिये जरुरी हो गया है। सोने और चांदी की कीमतों में मची भारी हलचल के बीच, मशहूर किताब ‘रिच डैड पुअर डैड’ के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने चांदी को लेकर एक बड़ी भविष्यवाणी की है। रॉबर्ट कियोसाकी ने दावा किया है कि साल 2026 तक चांदी की कीमतें $200 प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं। यह मौजूदा कीमतों के मुकाबले लगभग दोगुना है। उनका मानना है कि चांदी अब केवल निवेश की धातु नहीं रह गई है, बल्कि टेक्नोलॉजी की रीढ़ बन चुकी है। मोबाइल फोन, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), सोलर पैनल, चिप्स और डाटा सेंटर जैसे बढ़ते सेक्टर्स में चांदी की भारी खपत हो रही है। ऐसे में चांदी का बढ़ता प्रयोग इसकी कीमतों में वृद्धि कर सकता है।
उन्होंने बताया है कि 1990 में चांदी $5 के आसपास थी, जो आज $90-$95 तक पहुँच चुकी है। अगर यह ट्रेंड जारी रहा, तो $200 का स्तर असंभव नहीं है। रॉबर्ट कियोसाकी के दावे पर आधारित इस रिपोर्ट को यहां नीचे देखा जा सकता है। आपको बता दें कि 10 फरवरी को बाजार खुलते ही सोने और चांदी में भारी गिरावट देखी गई है, चांदी ₹5,000 से ज्यादा गिर गई, वहीं सोना भी ₹1,000 से अधिक लुढ़क गया। ताजा कीमतें (MCX दोपहर 1:30 बजे): , सोना (2 अप्रैल डिलीवरी): ₹1,57,110 प्रति 10 ग्राम [01:19], चांदी (5 मार्च डिलीवरी): ₹2,57,996 प्रति किलोग्राम [01:27]
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमतों में नरमी आई है। इसका मुख्य कारण अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ग्रीनलैंड पर सैन्य कार्यवाही से इंकार करना और यूरोप के साथ व्यापार समझौते के संकेत देना है। तनाव कम होने से ‘सुरक्षित निवेश’ (सोना-चांदी) की मांग थोड़ी ठंडी पड़ गई है।
वहीँ इसको लेकर कियोसाकी ने चेतावनी दी है कि लालच में आकर शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों को बड़ा नुकसान हो सकता है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि चांदी का भविष्य चमकदार है, लेकिन इसमें उतार-चढ़ाव बहुत अधिक रहता है। इसलिए एक साथ सारा पैसा लगाने के बजाय धीरे-धीरे निवेश करना (SIP मोड) ज्यादा सुरक्षित हो सकता है. ध्यान दें, ये कोई निवेश सलाह नहीं है। निवेश से पहले मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें। इसके साथ ही हम आपको ये भी बता दें कि सामान्य समझ के अनुसार भी हर चीज के दाम बढ़ते ही है, इसमें कोई खास जानकारी की जरूरत नहीं होती है। कीमतें तो बढ़ेंगी ही, लेकिन सोने चांदी का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक सामानों में लगातार बढ़ रहा है, जिसके कारण दोनों धातुओं के दामों में वृद्धि की गति तेज हो जायेगी।



