रायपुर : छत्तीसगढ़ में डीएड प्रशिक्षित अभ्यर्थियों का सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के 2,300 रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर जारी आमरण अनशन के दौरान बुधवार को अभ्यर्थियों ने अंगारों पर चलकर प्रदर्शन किया। इधर जानकारी मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाई गई। मामले के अनुसार रायपुर के तूता धरना स्थल पर सहायक शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर 57 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हुये डीएड अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होते जा रहा है। अभ्यर्थियों ने बुधवार को अपनी मांगों को लेकर अंगारों पर चलकर प्रदर्शन किया और प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई है, जिसमें 4 अभ्यर्थी घायल हो गये, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण बन गई, जिसको नियंत्रित करने के लिये पुलिस ने वॉटर कैनन का प्रयोग किया, जिससे कुछ अभ्यर्थी घायल हुए हैं। इस प्रदर्शन के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को पकड़कर सेंट्रल जेल लाया गया।
जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान डीएड अभ्यर्थियों और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जहाँ वॉटर कैनन के इस्तेमाल से दो युवतियां बेहोश हो गईं थी और लगभग एक घंटे तक एम्बुलेंस का इतंजार किया गया, जिसके बाद घटनास्थल पर मौजूद अन्य अभ्यर्थी उन्हें कंधों पर उठाकर पैदल अस्पताल ले जाने की कोशिश करते रहे। इस दौरान कवरेज के लिए मौके पर मौजूद पत्रकारों की टीम ने गाड़ी से बेहोश अभ्यर्थियों को अभनपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहाँ डॉक्टरों ने बताया कि दो युवतियां बेहोश थीं, जिनका उपचार किया जा रहा है, फिलहाल वे खतरे से बाहर हैं।
मामले के मुताबिक पीड़ित अभ्यर्थियों ने इससे पहले राष्ट्रपति, राज्यपाल डेका, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को स्पीड पोस्ट के माध्यम से पत्र भेजकर हस्तक्षेप की गुहार लगाई थी। वहीँ फिर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद नियुक्ति नहीं होने के कारण आदिवासी अभ्यर्थी 24 दिसंबर से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे हुए थे। दूसरी ओर 57वें दिन से शांतिपूर्ण आंदोलन के बावजूद शासन-प्रशासन की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिप जाने से अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश है। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लगातार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को मांगों से अवगत कर रहे हैं, लेकिन हर स्तर पर केवल आश्वासन ही मिल रहा है।
इसके साथ ही अनुसूचित जनजाति वर्ग के 1,600 पद रिक्त पदों को लेकर भी अभ्यर्थियों ने यह मुद्दा उठाया कि राज्य में 1,600 से अधिक एद अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए रिक्त हैं। बावजूद इसके नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है। इससे आदिवासी वर्ग के युवाओं में भारी नाराजगी है। इसके साथ ही अभ्यर्थियों का आरोप है कि उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद नियुक्ति प्रक्रिय पूरी नहीं की जा रही है। चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जायेगा।



