राजनांदगांव : राज्य में बढ़ते धर्मान्तरण के मामलों के चलते कई विवाद सामने आ चुके है, वहीँ अब मतांतरण प्रकरण में गिरफ्तार आरोपी को जमानत मिलने से पुलिस को करारा झटका लगा है। 21 मार्च को गिरफ्तार किये गये पास्टर डेविड चाको को 23 मार्च को ही लोअर कोर्ट से जमानत मिल गई है, जिसको लेकर अब पुलिस पर भी आरोप लग रहे है। आरोपी की ओर से अधिवक्ताओं की टीम ने पैरवी करते हुए जमानत के पक्ष में मजबूत दलीलें प्रस्तुत कीं है, जिस पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने राहत दे दी है।
इस मामले में पुलिस की ओर से प्रस्तुत तथ्यों पर कोर्ट में अपेक्षित मजबूती नहीं दिखाई दे सकी। जानकारी के अनुसार, नाबालिग आदिवासी बच्चों को अवैध रूप से आश्रम में रखने और आरोपी के कथित विदेशी कनेक्शन से जुड़े बिंदुओं को प्रभावी ढंग से स्थापित नहीं किया जा सका है, जिसको लेकर पुलिस की जांच पर सवाल उठ रहे है।
इसके चलते प्रकरण कमजोर पड़ा और आरोपी को जमानत मिल गई है। पुलिस ने आठ जनवरी को दर्ज एफआइआर में आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3, 4, 5 तथा बीएनएस की धारा 299 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। इस मामले में आईपीएस वैशाली जैन सहित अन्य अधिकारियों द्वारा करीब तीन महीने तक जांच की गई थी, जिसके बाद गिरफ्तारी की कार्यवाही हुई है। हालांकि, न्यायालय में जमानत की सुनवाई के दौरान पुलिस की जांच और प्रस्तुत साक्ष्य अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ सके।



