दुर्ग/भिलाई : ठगी के अथवा आपराधिक रूप से पैसे का लेनदेन करने के लिये अपने खाते किराये पर देने वालों को म्यूल खाताधारक कहा जाता है, ऐसे ही दुर्ग जिले में म्यूल अकाउंट के माध्यम से सायबर ठगी से अर्जित पैसों को अपने खातों में ट्रांसफर कराने वाले 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन सभी आरोपियों के खातों से 83 लाख 33 हजार 247 रुपए की अवैध राशि खातों में ट्रांसफर कर लेनदेन की जानकारी मिली है, जो ठगी से सम्बंधित राशि बताई गई है।
दरअसल पुलिस को भारत सरकार के गृह मंत्रालय से संचालित भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के समन्वय पोर्टल द्वारा कर्नाटक बैंक दुर्ग में संचालित बैंक खातों का विश्लेषण किया गया तो जांच में पाया गया कि इन खातों का उपयोग देश के विभिन्न स्थानों से साइबर ठगी की राशि ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था। इसमें कुल रकम लगभग 86 लाख 33 हजार 247 रुपए का अवैध लेन-देन भी पाई गई है। इसके बाद पुलिस ने तत्काल बैंक से संपर्क करते हुए सभी खातों को होल्ड कर विवेचना शुरू की तो शिकायत सही पाया गया। जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर सभी दस आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
म्यूल खाते बैंक के वो खाते होते हैं, जिसे संबंधित खाताधारक साइबर ठगी के रुपए के ट्रांसफर के लिए और ऑनलाइन बेटिंग में उपयोग करने के लिए किराए पर देते हैं। किराए पर दिए गए इस म्यूल खाता के बदले में बाकायदा खाताधारकों को हर माह किराए की एकमुश्त राशि भी दी जाती है। फिलहाल दुर्ग पुलिस लगातार इस तरह के म्यूल अकाउंट पर कार्यवाही कर रही है। ऐसे खाते उपलब्ध करवाने वालों पर अब लालच भारी पड़ा है।



