रायपुर : इबोला वायरस की शुरुआत सबसे पहले सन 1976 में अफ्रीका के क्षेत्र कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (तत्कालीन ज़ैरे) में इबोला नदी के पास स्थित एक गाँव में हुई थी, जहाँ से इसकी शुरुआत मानी जाती है। इसको लेकर माना जाता है कि यह वायरस चमगादड़ों से जंगली जानवरों (जैसे बंदरों) और फिर इंसानों में फैला। इसके साथ ही चाइना में भी इबोला से मिलता जुलता वायरस सामने आ चुका है। दुनिया के कई देशों में इबोला संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने रायपुर एयरपोर्ट पर अलर्ट जारी किया है। संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, छत्तीसगढ़ की ओर से संक्रमण की रोकथाम, यात्रियों की स्वास्थ्य जांच और आपातकालीन प्रबंधन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किये गये हैं। इसक संक्रमण को रोकने के लिये स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी है।
एयरपोर्ट परिसर में तैनात होगा नोडल अधिकारी :
स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय के उप संचालक एवं राज्य सर्विलेंस अधिकारी (आईडीएसपी) की ओर से जारी आदेश में एयरपोर्ट परिसर में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। यह अधिकारी एयरपोर्ट पर आने वाले यात्रियों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग व्यवस्था का समन्वय करेगा और संदिग्ध मरीजों की पहचान होने पर तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सूचना देगा। निर्देश में कहा गया है कि एयरपोर्ट पर आने वाले अंतरराज्यीय एवं बाहरी यात्रियों की विशेष निगरानी की जाएगी। किसी यात्री में संक्रमण जैसे लक्षण मिलने पर तत्काल आइसोलेशन, रेफरल और आपातकालीन चिकित्सा प्रबंधन सुनिश्चित किया जायेगा। इस तरह सरकार ने सुरक्षा के लिये जरुरी इंतजाम करना शुरू कर दिया है।
मेडिकल टीमों को सुरक्षा उपकरणों के साथ तैयार रहने के निर्देश गये है :

स्वास्थ्य विभाग ने एयरपोर्ट प्रबंधन और संबंधित एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मेडिकल टीमों को भी आवश्यक संसाधनों और सुरक्षा उपकरणों के साथ तैयार रहने कहा गया है। राज्य सर्विलेंस अधिकारी द्वारा जारी पत्र की प्रतिलिपि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव तथा आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं को भी सूचनार्थ भेजी गई है। बता दें कि, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और युगांडा में इबोला संक्रमण के मामले बढ़ने के बाद दुनियाभर में सतर्कता बढ़ाई गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन पहले ही इसे अंतरराष्ट्रीय चिंता का स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर चुका है। इसी को देखते हुए भारत में भी एहतियात बढ़ा दिए गए हैं।