खड़गे को ‘पागल’ कहने पर भड़के कांग्रेसियों ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा का जलाया पुतला, कही ये बात….।

रायपुर : असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को “पागल” कहा है, क्योंकि खड़गे ने उनकी पत्नी (रिंकी भुइयां सरमा) पर बिना किसी प्रकार की पुष्टि किए आरोप लगाए थे कि उनके पास तीन पासपोर्ट हैं और उन्होंने बेनामी संपत्ति भी बनाई है, जिसे सरमा ने पूरी तरह से झूठा और निराधार बताया है। अब असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के बयान के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। जिसको लेकर रायपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए पुतला दहन किया है। यह विरोध कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर की गई टिप्पणी को लेकर किया गया।

इस मामले में जिला कांग्रेस अध्यक्ष कुमार मेनन ने कहा कि सभ्य समाज इस तरह की भाषा को कभी स्वीकार नहीं कर सकता। खड़गे एक वरिष्ठ नेता हैं, उम्र में बड़े हैं और अनुसूचित जाति से आते हैं। ऐसे में उन पर इस प्रकार के आरोप लगाना निंदनीय है। मेमन ने कहा कि इस तरह के बयान देकर लोगों को दिग्भ्रमित किया जा रहा है और असल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है। यह बयान निंदनीय है, इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है।

घबराहट में दलित नेता का किया गया अपमान : आकाश शर्मा

छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने कहा कि घबराहट में दलित नेता का अपमान किया जा रहा है, जिसे कांग्रेस किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि आज विरोध स्वरूप पुतला दहन किया गया है। यदि इस तरह के बयान पर रोक नहीं लगी तो आगे और भी उग्र विरोध प्रदर्शन किया जायेगा। वहीँ कांग्रेसियों ने इस बयान को लेकर काफी आक्रोश जताया है।

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा ने दिया था ये बयान :

टीओक में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा था कि कांग्रेस के नेताओं को सच की रत्ती भर भी जानकारी नहीं है। मल्लिकार्जुन खड़गे जी जिस तरह की बातें कर रहे हैं, उससे लगता है कि बुढ़ापा उन पर हावी हो गया है और वे ‘पगला’ गये हैं। उनके जैसे वरिष्ठ नेता को बिना तथ्यों के ऐसे गंभीर आरोप नहीं लगाने चाहिए। मुख्यमंत्री का यह बयान उस समय आया, जब कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने उनके परिवार की नागरिकता और पासपोर्ट मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। वहीँ अब इस मामले ने राजनैतिक तूल पकड़ लिया है।