रायपुर : बढ़ती जनसँख्या की खाद्यपुर्ती के लिये नकली और हानिकारक खाद्य पदार्थ बनाने का गन्दा खेल राजधानी में बड़े स्तर पर चल रहा है। खाद्य एवं औषधी प्रशासन विभाग ने रविवार को भाठागांव के केसरी बगीचा के मेसर्स केएलपी डेयरी एंड प्रोडक्ट्स की फैक्ट्री में छापा मारा है। जहाँ फैक्ट्री से 1200 किलो से ज्यादा मात्रा में नकली पनीर जब्त किया गया है। वहीँ मौके पर बड़ी मात्रा में पाम ऑइल, स्टीम्ड दूध पावडर, तेल, एसेटिक एसिड जैसी सामाग्री मिली, जिससे यह पनीर बनाया जाता था।
डेयरी संचालक का नाम आदर्श पराशर बताया गया है। खाद्य एवं औषधी प्रशासन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार रायपुर में नकली पनीर बनाए जाने का इनपुट मिला था। इसके बाद भाठागांव की पनीर फैक्ट्री छापेमारी की तैयारी की गई। रविवार का दिन इसलिए चुना गया गया, ताकि संचालक सहित किसी को भी छापे का शक न हो। जिसके बाद रविवार की सुबह 11.30 बजे टीम मौके पर पहुंची तो यहां बड़ी मात्रा में पनीर की पैकेजिंग की जा रही थी।
21 जनवरी 2026 को विभाग ने इसी फैक्ट्री से 1700 किलो नकली पनीर जब्त कर नष्ट कराया था। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि तीन महीने पहले जिस फैक्ट्री पर छापेमार कार्यवाही की गई, वहां दोबारा फिर से इतनी बड़ी मात्रा में नकली पनीर कैसे बनता रहा और क्या इसकी जानकारी विभागीय अफसरों को नहीं थी?
राजधानी रायपुर में रविवार को दो अलग-अलग जगहों पर छापेमार कार्रवाई की गई। बड़ी बात ये है कि इस कार्यवाही के लिए रायपुर की टीम को शामिल नहीं किया गया, बल्कि अन्य जिलों से अधिकारी-कर्मचारी बुलाए गए थे। इसके बाद दो अलग-अलग टीम बनाई गई। इसमें धमतरी, बालोद और बलौदाबाजार के अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे। वहीँ विभाग की दूसरी टीम ने भी सुबह ठीक 11.30 बजे उरला क्षेत्र में एसजे डेयरी में रेड की कार्रवाई की। यहां टीम को एनालॉग पनीर ही मिला, लेकिन परिसर भारी गंदगी थी और इसी गंदगी के बीच पनीर का निर्माण किया जा रहा था। ये लोगों की सेहत के लिए ठीक नहीं था। इसलिए टीम ने सैंपल लेकर 500 किलो पनीर नष्ट कराया गया। ज्ञात हो कि एसजे डेयरी पर भी गंदगी के पहले ही दो मामले और चल रहे हैं।
नकली पनीर खाने से हो जायेगा लिवर सिरोसिस :
जिस प्रकार के उक्त सामानों से जो नकली पनीर बनाया जा रहा है, वह बहुत ज्यादा खतरनाक है। ऐसे पनीर का सेवन अनजाने में पूरा परिवार करता है, जिसमें बच्चे से लेकर बड़े भी शामिल होते हैं। इस पनीर को खाने से शॉर्ट टर्म में अपच व दस्त होगा। मध्यम टर्म में कोलेस्ट्रॉल और हार्ट डिजीज का खतरा है। लगातार नकली पनीर का उपयोग कर रहे हैं, तो लिवर प्रभावित होगा।
लिवर हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील अंग है। इसके डैमेज होने की संभावना है, जो फैटी लिवर से शुरू होगा और लिवर सिरोसिस पर खत्म होगा। सामान्य समय में लिवर सिरोसिस होने में 25 से 30 साल का समय लगता है, लेकिन मिलावटी पनीर लगातार खाने से 4 साल में भी होने का खतरा है। इसके साथ ही स्टमक कैंसर, पैंक्रियाज कैंसर और बड़ी आंत का कैंसर भी हो सकता है। मिलावटी पनीर खाने वाला इससे अनभिज्ञ है। इसलिए इस पर कठोर कानून लाकर कार्यवाही की जानी चाहिए। वहीँ अब लोगों को त्वरित स्वाद के चलते पनीर खाने का शौक काफी बढ़ गया है, जो सेहत के लिये काफी हानिकारक है।



