गुलशन के पास मिली परमानेंट सटोरियों की लिस्ट, शहर के कई बड़े कारोबारियों ने भी ली है आईडी, एक बड़े रसूखदार पर कार्यवाही से पीछे हटी पुलिस।

रायपुर : गुलशन को गिरफ्त में लेने के पश्चात् पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे है, एक अपराधी को फ्लाइट से क्यूँ लाया गया, कार्यवाही करते समय उसे हथकड़ी क्यूँ नहीं लगाई गई, जबकि छोटे सटोरियों के साथ अपराधी जैसा बर्ताव किया गया, बताया गया है कि उसे उल्टालटकाकर लाया गया था, जबकि इसमें कोई सच्चाई नहीं है, सूत्रों के अनुसार गुलशन ने ही फ्लाइट की टिकटों का खर्चा उठाया है, उसके चेहरे पर डर और शर्म किसी को नहीं दिखी जबकि वो आत्मविश्वास से भरा हुआ था।

वहीँ मामले में मिली जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बनकर ऑनलाईन क्रिकेट सट्टा चलाने वाले बाबू उर्फ गुलशन खेमानी के मोबाईलों की जांच में कई बड़े सटोरियों का पता चला है। पुलिस को उसके स्थायी सटोरियों की लिस्ट मिली है। इनमें रायपुर के कई कारोबारी भी शामिल हैं, जिन्होंने बाबू से आईडी ली हुई है, ये सब बड़े रसूखदार है, लेकिन इन पर पुलिस की कार्यवाही होना मुश्किल है, कई ऐसे सटोरिये है, जो लगातार अपने काम को बेख़ौफ़ होकर अंजाम दे रहे है, लेकिन उन पर के बार भी कार्यवाही नही हुई है, जबकि ये सब पुलिस की नाक के नीचे होता है। वहीँ बताया गया है कि बाबू ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे का आईडी ऑनर है। उसने अलग-अलग नाम से ऑनलाइन सट्टा खेलने के लिए कई आईडी बनवाई है।

रायपुर में पहली बार आईडी ऑनर पकड़ा गया है। पुलिस ने आईडी खरीदने वालों की भी जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा सट्टे की बड़ी राशि वसूलने के लिए कई बदमाशों को लगा रखा था। डरा-धमकाकर वसूली करने की भी शिकायतें मिली है। बताया जाता है कि सट्टे की रकम के बदले कुछ लोगों से सोने के जेवर भी लिये गये हैं। उल्लेखनीय है कि बाबू को क्राइम ब्रांच ने मुंबई से गिरफ्तार करके तीन दिन की रिमांड पर लिया है। सोमवार को उसे कोर्ट में पेश किया जायेगा। सट्टे के गोरखधंधे में उसका भाई करण भी शामिल है, पुलिस उसे भी जल्द गिरफ्तार करने वाली, अभी वह फरार बताया गया है।

सोशल मीडिया में बदनाम करने की देता था धमकी :

बाबू और करण ऑनलाइन सट्टे का पैसा वसूलने के लिए कई प्रकार से धमकियां देते थे। बाबू सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर था। इंस्टाग्राम और यूट्यूब में बड़ी संख्या में उसके प्रशंसक हैं। कुछ नामचीन लोग भी जुड़े हैं। सट्टे का पैसा नहीं देने वालों को सोशल मीडिया के जरिए बदनाम करने की धमकियां भी देता था। पुलिस ने उसके पिता से भी पूछताछ की है। वहीँ आपको बता दें कि महीनेभर ओम खेमानी जो गुलशन का चचेरा भाई है, वह भी पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है।

शहर का बड़ा खाईवाल चला रहा डायमंड एक्सचेंज :

सूत्रों के मुताबिक रायपुर में गुलशन से भी बड़ा एक और आईडी ऑनर सटोरिया है। वह भी महादेवबुक ऐप के बाद अब डायमंड एक्सचेंज के नाम से कई पैनल चलवा रहा है। साथ ही 30 से 40 फीसदी कमीशन पर आईडी बेचता है। महंगी गाडि़यों में घूमता है। एक समय रायपुर क्राइम ब्रांच इसकी तलाश में लगी थी। इस बीच सटोरिए ने शहर में एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन करवाया। इसके बाद पुलिस बैकफुट पर आ गई। इसके बाद से उसके हौंसले बढ़ गये है, लेकिन पुलिस उस पर हाथ डालने में अभी हिचक रही है, इस पर पुलिस कार्यवाही कब करेगी ये देखना होगा, बड़े मगरमच्छ सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। उनका काम गुलशन जैसे लोग देख रहे है, इनका आपसी कनेक्शन सामने आ चुका है।