रायपुर : दुबई में सट्टेबाजी वैधानिक रूप से चलती है, जिसको लेकर भारत के लोग वहां से सट्टेबाजी का संचालन करते है, और भारत में अपने गुर्गे बैठाकर काम करते है, इन्हीं में से सबसे बड़ा सरगना सौरभ चंद्राकर निकला, फिर रवि उप्पल का नाम सामने आया, फिर ऐन चुनाव के समय शुभम सोनी नाम के सटोरिये ने इसे बिना रुकावट चलाने के लिये पूर्व मुख्यमंत्री को पैसे देने की बात कही, ऐसे में अब सवाल उठता है, कि गुलशन को बलि का बकरा बनाया गया या फिर इसके पीछे कुछ और साजिश है, क्यूंकि बड़ी मछलियाँ आसानी से पकड़ में नहीं आती, ऐसी ही के बड़ी मछली तक पुलिस के हाथ नहीं पहुँच पा रहे है या पुलिस उस पर इसलिये हाथ नहीं डाल रही है कि उस सटोरिये पर सत्ताधीशों का हाथ है। आपको बता दें कि सभी सट्टेबाजी के गेम महादेव एप के अंतर्गत ही चलते है, जिसका मुख्य सरगना सौरभ चंद्राकर ही है।
वहीँ सामने आया मामला है ऑनलाइन सट्टा एप ‘3 Stumps’ से जुड़े बड़े नेटवर्क पर रायपुर पुलिस ने बड़ी कार्यवाही की है। एप के मास्टरमाइंड सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर गुलशन के निवास पर क्राइम ब्रांच और गंज थाना की संयुक्त टीम ने छापेमारी की है। जानकारी के अनुसार, इस कार्यवाही में डीएसपी, टीआई समेत वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने घर और अन्य संभावित ठिकानों पर दबिश देकर महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि गुलशन के विदेशी नेटवर्क से जुड़े होने की जानकारी मिलने के बाद यह कार्यवाही की गई है। पुलिस पिछले लगातार तलाशी और दस्तावेजों की जांच में जुट गई है।
मुंबई से गिरफ्तार हुआ था बाबू खेमानी :
रायपुर कमिश्नरेट (डीसीपी क्राइम एवं साईबर) ने बीते 17 अप्रैल को पूरे मामले का खुलासा किया था। पुलिस ने छापेमारी कर ऑनलाइन सट्टा गिरोह के मास्टरमाइंड गुलशन को मुंबई से गिरफ्तार किया था। इसके साथ ही टीम ने महाराष्ट्र और गोवा में दबिश देकर कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया और एक पूरा पैनल नेटवर्क ध्वस्त कर दिया। पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला की सतत मॉनिटरिंग में एंटी क्राइम एंड साईबर यूनिट ने यह बड़ी कार्यवाही की है। पुलिस की टीम पहले गुलशन को ट्रेन से रायपुर लाने वाली थी बाद में उसे फ्लाइट से लाया गया, गुलशन के नजदीकी सूत्रों ने बताया है कि उसके कहने और खर्चा निकालने पर ही उसे वायुमार्ग से लाया गया।
वहीँ इस खुलासे में बताया गया है कि गुलशन अपने भाई करण के साथ मिलकर पिछले ढाई वर्षों से ‘3Stumps’, ‘रेड्डी ग्रुप’, ‘बजरंग ग्रुप’, ‘मेट्रो 65’ और ‘डायमंड मास्टर’ जैसे ऑनलाइन सट्टा पैनलों का संचालन कर रहा था। पुलिस के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की आड़ में चलाया जा रहा था और इसमें म्यूल खातों के जरिए लेन-देन किया जाता था। इसके अलावा गुलशन का चचेरा भाई ओम भी सट्टेबाजी के मामले में पहले पकड़ा जा चुका है।
कई राज्यों में फैला था नेटवर्क :
जांच में सामने आया कि यह सट्टा नेटवर्क छत्तीसगढ़ के साथ-साथ महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गोवा और अन्य राज्यों तक फैला हुआ था। गोवा में संचालित एक लाइन पैनल को भी ध्वस्त किया गया है। अब तक इस मामले में 27 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 03 लैपटॉप, 18 मोबाइल फोन, 01 राउटर, 10 एटीएम कार्ड, सट्टा हिसाब-किताब की कॉपियां और 01 बीएमडब्ल्यू कार सहित अन्य सामान जब्त किया। कुल बरामदगी की कीमत लगभग 60 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी 20-30 हजार रुपये में बैंक खाते खरीदकर उनका इस्तेमाल सट्टे की रकम के लेन-देन में करते थे। इसके अलावा गुलशन वर्ष 2011, 2023 और 2025 में कई बार विदेश यात्रा कर चुका है, जिसकी जांच की जा रही है। दुबई जाकर वह भारत के भगौड़े ललित मोदी से भी मिल चुका है, वहीँ सौरभ चंद्राकर के कनेक्शन देश विरोधी तत्वों से जुड़े होना भी सामने आ चुका है। अब आखिरी सवाल उठता है, कि क्या गुलशन के पीछे भी कोई बड़ा रसूखदार है? अगर हाँ तो वह कब गिरफ्त में आयेगा?



