बिलासपुर : सरकारी शिक्षक से सरकार हर सार्वजनिक कार्य में सहयोग लेती है, इनकी सुरक्षा का जिम्मा भी सरकार का होता है, वहीँ आये दिन इनके साथ बदसलूकी काफी चिंताजनक है। वहीँ मामले के अनुसार छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में जनगणना कार्य के दौरान शिक्षक के साथ मारपीट की घटना सामने आई है। मामले में पता चला है कि बिल्हा ब्लॉक के ग्राम घोघरा में जनगणना की जानकारी लेने पहुंचे शिक्षक के साथ एक नहीं, तीन बार मारपीट की गई है, इसके साथ ही शिक्षक को जान से मारने की धमकी भी दी गई है। शिक्षक ने बिल्हा थाने में मारपीट के खिलाफ शिकायत दी है, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्यवाही शुरू की।
जानकारी के मुताबिक, शनिवार की सुबह करीब 10 बजे शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला उड़नताल में पदस्थ शिक्षक नेतराम पैकरा जनगणना ड्यूटी करने ग्राम घोघरा गये हुये थे। इसी दौरान गांव के मकान नंबर 141 में राम करेस चतुर्वेदी के घर के पास गांव के ही निर्मल सतनामी मौके पहुंचा और शिक्षक के साथ तुम यहां क्या कर रहे हो कहते हुए शिक्षक के साथ मारपीट करने लगा, अचानक मारपीट से शिक्षक सहम गया, जिसके बाद उसने तहसीलदार द्वारा जारी आईडी कार्ड भी दिखाया, तो निर्मल ने कहा कि ऐसे कई कार्ड बन जाते है और फिर से जमकर मारपीट की। इससे घबरा कर शिक्षक पंचायत भवन पहुंचा।वहां सरपंच को पूरे घटना की जानकारी दे रहा था।
उसके बाद भी आरोपी युवक, शिक्षक की एक ना सुनते हुए उसका आईडी कार्ड,और शर्ट को फाड़ दिया। वहां मौजूद अन्य लोगो ने बीच बचाव किया। जिसके बाद शिक्षक दगौरी जाने निकला जिसका आरोपी ने रंजिश पूर्व चुराघाट तक पीछा किया, डर के मारे शिक्षक वहां से भागने लगा, इस घटना के बाद से शिक्षक भयभीत है। उसने घटना की जानकारी प्रशासनिक और शिक्षा अधिकारियों को दी. जहां से उसे पुलिस में अपराध दर्ज कराने के निर्देश दिये गये है।
जनगणना कार्य में लगे शिक्षक के साथ मारपीट की रिपोर्ट बिल्हा थाने में दर्ज कराई गई है, वहीँ शिक्षक नेतराम पैकरा की रिपोर्ट पर पुलिस ने मारपीट करने वाले आरोपी निर्मल सतनामी के खिलाफ बीएनएस की धारा 132, 221, 121 (1) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। बताया गया है कि अभी तक आरोपी निर्मल पुलिस की पकड़ से बाहर है। उसको गिरफ्तार नहीं किया गया है। वहीँ शिक्षक काफी भयभीत है। मामले में पुलिस की ढिलाई ने शिक्षक को परेशानी में डाल दिया है।



