गाजियाबाद (उ.प्र.) : सामाजिक कुरीतियो के खिलाफ टिप्पणी कर चर्चा में आए सलीम वास्तिक तिहाड़ जेल से रिहा हो गया है। उनको 1995 में गोकुलपुरी में एक किशोर के अपहरण और हत्या केस में उसे उम्रकैद की सजा हुई थी। इस बीच 2000 में पैरोल पर छूटने के बाद वह नाम और जगह बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था। अप्रैल में दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। वहीँ इस गिरफ्तारी में सवाल उठा है कि लम्बे समय से वह सोशल मीडिया में सक्रिय था तो पुलिस ने पकड़ा क्यूँ नहीं था?
‘तुम कमर कस लो’
मंगलवार रात से इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें सलीम वास्तिक छड़ी के सहारे खड़ा होकर कह रहा है कि जगह देख लो, कौन सी है। तिहाड़ जेल के बाहर की, बाहर आ गया हूं। वायरल हो रहे वीडियो में उसने कहा है कि तुम कमर कस लो। मैं मुसलमानों को पढ़ाई-लिखाई और तरक्की की ओर ले जाऊंगा। यह विडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
हुआ था जानलेवा हमला :
सलीम वास्तिक लोनी में रहता था और धार्मिक सुधारों वाले वीडियो के बाद सुर्खियों में आया था। 27 फरवरी को लोनी में उस पर जानलेवा हमला हुआ था। पुलिस मुठभेड़ में हमलावर दोनों आरोपी मारे गए थे। हमले में सलीम को गंभीर चोट आई थी। 24 अप्रैल को दिल्ली पुलिस ने इसे लोनी स्थित घर से गिरफ्तार किया था। सलीम को 1995 के केस में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी, लेकिन 2000 में पैरोल पर छूटने के बाद वापस जेल नहीं लौटा था, जिसके बाद उसकी खोजबीन जारी थी।
अधिकारी जमानत से कर रहे इंकार :
सलीम का वीडियो वायरल होते ही पुलिस-प्रशासन में हलचल है। स्थानीय अधिकारी जमानत की बात से इनकार कर रहे हैं और कह रहे हैं कि आधिकारिक जानकारी दिल्ली पुलिस ही दे सकती है। बताया गया है कि दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा और 31 साल पुराने अपहरण व हत्याकांड का सजायाफ्ता दोषी सलीम वास्तिक एक बार फिर भयानक सुर्खियों में है। तिहाड़ जेल से जमानत पर बाहर आते ही सलीम वास्तिक के बैक टू बैक कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। जेल से निकलते ही जहां उसने एक वीडियो जारी कर खुलेआम चैलेंज किया है, वहीं अब वह गाजियाबाद के चर्चित डासना देवी मंदिर पहुंचा है। डासना मंदिर के पीठाधीश्वर महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती के साथ उसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब तहलका मचा रहा है, जिसमें महंत उसे ‘मां का शेर और महादेव का बच्चा’ बताते नजर आ रहे हैं।
वहां के पीठाधीश्वर महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने उसका स्वागत किया और कैमरे के सामने आकर कहा, “हमारे शेर हमारे भाई सलीम वास्तिक आज मां के और महादेव के चरणों में हैं। शेर मौत को हराकर, सारे षड्यंत्रों को हराकर आज फिर जेल से बाहर है और अब फिर से पूरी मानवता के लिए लड़ने के लिए तैयार है। दुनिया में कोई भी सलीम भाई का साथ छोड़ दे, लेकिन शिव शक्ति धाम डासना के लोग कभी इनका साथ नहीं छोड़ेंगे. हिंदुओं, एक दूसरे का साथ निभाना जिस दिन तुम सीख लोगे, तुम्हें कोई पराजित नहीं कर सकता।”
जेल से निकलते ही सलीम ने दिया खुला चैलेंज :
इससे पहले तिहाड़ जेल से बाहर आते ही सलीम वास्तिक का एक और वीडियो सुर्खियों में आया था, जिसमें वह उग्र लहजे में सीधे तौर पर चुनौती देता नजर आया. वीडियो में सलीम वास्तिक ने कहा, “हां भाई जिहादियों, जगह देख लो कौन सी है। तिहाड़ के बाहर की… तुम्हारा डेली बाहर आ गया है। जिहादियों अब तैयार हो जाओ, अब तुम्हारी कब्र करने का टाइम आ गया है। तुम जैसे लोगों का जो इस्लाम है ना, वो खत्म करूंगा मैं। मैं मुसलमानों को पढ़ाई-लिखाई और तरक्की की तरफ लेकर जाऊंगा, उस रास्ते से हटाऊंगा जो मुसलमानों को खराब कर रहे हैं। उखाड़ सको तो आ जाना, मेरा खुला चैलेंज है।”
क्या है 31 साल पुराना वो मामला, जिसमें पहचान छिपाकर रह रहा था सलीम?
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के दस्तावेजों के मुताबिक, सलीम वास्तिक असल में सलीम खान है, जो पिछले 25 सालों से अपनी पहचान बदलकर गाजियाबाद के लोनी में फरारी काट रहा था। 20 जनवरी 1995 को दिल्ली के गोकुलपुरी इलाके से 13 साल के बच्चे संदीप बंसल का अपहरण किया गया था। फिरौती न मिलने पर बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। साल 1997 में अदालत ने इस मामले में सलीम खान (अब सलीम वास्तिक ) को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। साल 2000 में वह जेल से जमानत पर बाहर आया और उसके बाद फर्जी दस्तावेज बनाकर, पहचान बदलकर फरार हो गया था, वह लगातार सलीम खान से सलीम वास्तिक बनकर पुलिस को छका रहा था।
सलीम वास्तिक की फरारी का अंत तब हुआ जब इसी साल 27 फरवरी 2026 को गाजियाबाद के लोनी स्थित उसके ऑफिस में घुसकर नकाबपोश बदमाशों ने उस पर चाकू से जानलेवा हमला किया था। इस हमले के बाद पुलिस एनकाउंटर में दो आरोपी जीशान और गुलफाम ढेर हो गए थे। गंभीर हालत में अस्पताल में इलाज कराने के बाद जब सलीम वास्तिक 1 महीने बाद ठीक होकर घर लौटा, तो मामला सोशल मीडिया पर भयानक वायरल हो गया। इसके बाद जब दिल्ली क्राइम ब्रांच ने दस्तावेजों को खंगाला तो खुलासा हुआ कि यह वही सलीम खान है जो 25 साल से नाम बदलकर फरार चल रहा था। अब 10 जून 2026 को वह एक बार फिर से तिहाड़ जेल से जमानत पर बाहर आ चुका है।