गाजियाबाद (उ.प्र.) : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक बहुत ही दुखद खबर सामने आई है, यहां एक युवक की बाइक हल्की सी एक कार से टच हो गई, जिसके बाद इस पर कार मालिक ने उसका अपहरण किया और एक ऑफिस में बंद कर उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी। मामले के अनुसार लोनी बॉर्डर के मुस्तफाबाद में मामूली बात पर हुए जैद हत्याकांड ने अब एक बेहद दर्दनाक रूप ले लिया है। यहाँ सात बेटियों के बाद बुढ़ापे का एकमात्र सहारा बने 18 साल के जैद की मौत से पूरे परिवार में कोहराम मच गया है। इस वारदात के बाद जैद की मां का जो बयान सामने आया है वह किसी के भी रोंगटे खड़े कर दे। बिलखती मां ने रोते हुए बताया कि उनके मासूम बेटे ने कातिलों के सामने हाथ जोड़े थे, गिड़गिड़ाया था, अपना मोबाईल और 700 रुपये तक उन्हें सौंप दिए थे, लेकिन बेरहम कातिलों का दिल फिर भी नहीं पसीजा। अब न्याय को लेकर मां ने उत्तर प्रदेश सरकार से इंसाफ की गुहार लगाते हुए आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने और कातिलों को फांसी देने की मांग की है।
मैं नहाने जा रहा हूं, कहकर निकला था जैद :
घटना के बाद भावुक मां ने बताया कि जैद घर से बेहद खुश होकर निकला था। उसने घर पर कहा था ‘मैं स्विमिंग पूल में नहाने जा रहा हूं।’ परिजनों ने उसे रोकना भी चाहा और कहा कि रुक जाओ, पेप्सी पी लो और थोड़ी देर बाद चले जाना, लेकिन वह दोपहर करीब 1:30 से 2:00 बजे के बीच अपने दोस्तों के साथ निकल गया। उसे क्या मालूम था कि वह जिस रास्ते पर जा रहा है, वहां मौत उसका इंतजार कर रही है। वहीँ घटना को लेकर जैद की मां ने रोते हुए बताया कि ‘मेरा बेटा बाइक पर था और पीछे मोहल्ले के ही दो छोटे बच्चे बैठे थे। पुल क्रॉस करते समय कार से हल्की सी रगड़ लग गई। जिसके बाद कार सवारों ने उतरते ही पहले तो तीनों बच्चों को सरेराह चांटे मारे और फिर मेरे बेटे से बाइक की चाबी छीन ली और गाड़ी साइड में लगाकर बोले ‘आजा, चाबी ले जा। जब जैद चाबी लेने गया तो उन्होंने उसे घसीटकर अपनी कार में डाल दिया।
जैद के दोस्त नदीम ने बताया कि हम स्विमिंग पूल से नहाकर वापस लौट रहे थे, तभी रस्ते में हमारी बाइक एक कार से टकरा गई। तभी कार से उतरे दो युवकों ने हमारे साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। फिर दोनों युवक जैद को कार में बैठकर प्रॉपर्टी डीलर के ऑफिस ले गए। जब हम वहां पहुंचे तो देखा जैद जमीन पर पड़ा था। हम दोनों जैद को उठा जीटीबी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके बाद हम जैद के परिवार के साथ घटना स्थल पर पहुंचे तो प्रॉपर्टी का ऑफिस बंद कर आरोपी राहुल अपने दोस्त के साथ फरार हो चुका था।
“₹700 और मोबाइल भी दे दिया पर मेरे बाबू को नहीं छोड़ा” :
मां का आरोप है कि आरोपी जैद को अगवा कर मनीष प्रॉपर्टीज के दफ्तर के अंदर ले गये और वहां उसे बेरहमी से पीटा गया। ‘दफ्तर के अंदर मेरे बच्चे ने हाथ भी जोड़े, वह गिड़गिड़ाया कि मुझे मत मारो, मुझे छोड़ दो, मैं अपने घर जा रहा हूं। उसने जेब में रखे ₹700 और अपना मोबाईल भी कातिलों को दे दिया कि यह सब ले लो पर मुझे छोड़ दो, लेकिन उन जालिमों ने मेरे बाबू को नहीं छोड़ा। उन्होंने लात-घूंसों से उसे इतना मारा कि वह वहीं ढेर हो गया। जब वह नहीं उठा तो कातिलों ने दोस्तों को धमकाकर कहा कि इसे गाड़ी पर लादो और कॉलोनी ले जाओ, पुलिस या किसी के आगे जिक्र मत करना।’
जैद की सात बहने हैं। भाई की मौत के बाद सातों बहने बेसुध हो गई हैं। मीडिया से बातचीत करते हुए जैद की बड़ी बहन ने बताया कि उनके पिता बुजुर्ग हैं। जबकि मां की आंख का ऑपरेशन हुआ है। जैद ही डेयरी संभाला करता था। घर की जिम्मेदारी उसी पर थी।
“मैंने कल सुबह से अपने लाल का चेहरा तक नहीं देखा” :
जब जैद को अस्पताल ले जाया गया तब उसकी मां रिश्तेदारी में गई हुई थी। पड़ोसियों ने जैद को बेसुध हालत में देखा तो अस्पताल भागे. मां ने रोते हुए बताया ‘पड़ोसियों ने उसके मुंह में पानी डाला तो पानी निकल गया। उसके हाथ-पैर पूरे नीले पड़ चुके थे। मैं तो कल सुबह की अपने बच्चे को देखी हुई हूं, मुझे तो अपने लाल का आखिरी बार चेहरा देखना भी नसीब नहीं हुआ। मेरा घर उजड़ गया, अब उसके बिना घर का काम कैसे चलेगा?’
“कातिलों को मिले फांसी, घर पर चले बुलडोजर” :
प्रशासनिक कार्यवाही से असंतुष्ट मां ने रोते हुए कहा कि ‘मुझे सिर्फ इंसाफ चाहिये, जैसे मेरे बच्चे का खून करा, वैसे ही मेरी आंखों को इंसाफ चाहिये, जैसे दुनिया के गुनहगारों के घरों को उठा दिया जाता है (बुलडोजर चलाया जाता है), वैसे ही उनके घरों पर भी बुलडोजर चलना चाहिये उन्होंने मेरे बेटे की जान ली है, मैं चाहती हूं कि मेरे बच्चे के कातिलों को फांसी दी जाए।’
पुलिस ने राहुल और उसके दोस्त के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। दो दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पीड़ित परिजन लगातार आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग कर रहे हैं। वहीँ मामले को लेकर पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। अन्य कार्यवाही चल रही है. हालांकि, इस घटना के बाद सोशल सवाल उठ रहे हैं कि क्या कथित अपराध इतना गंभीर था कि जैद की जान ले ली जाये, गाजियाबाद के सूर्या मर्डर केस की तरह ही, यहां भी आरोपी को पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने की मांग हो रही है।



