जांजगीर-चांपा : 23 जून को नशे में धुत्त दूल्हे की बारात को लौटाकर पूरे प्रदेश में साहस और आत्मसम्मान की मिसाल बनीं मुस्कान प्रधान एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। इस बार कहानी ने ऐसा मोड़ लिया है, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी, सामने आया मामला चौंकाने वाला है। जिस संतराम को 23 जून को शराब के नशे में होने के कारण मुस्कान ने शादी से साफ इंकार करके बारात बैरंग लौटा दी थी, जिसके बाद उसके इस साहस कि सभी ने सराहना कि थी, अब उसी युवक के साथ मंदिर में शादी कर ली है। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच बातचीत के दौरान गलतफहमियां दूर हुईं, जिसके बाद आपसी सहमति से उन्होंने शादी करने का फैसला लिया है।
परामर्श केंद्र से निकली, मंदिर में कर ली शादी :
इस मामले में मिली ताजा जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 10 बजे मुस्कान अपने गांव कोसमंदा से परिवार परामर्श केंद्र पहुंची थी। दोपहर करीब 2 बजे वह केंद्र से निकली, लेकिन घर लौटने के बजाय सीधे संत कुमार के गांव खोखरा पहुंच गई। वहां मनका दाई मंदिर में संत कुमार और उनके परिजनों की मौजूदगी में दोनों ने हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर लिया है। इसको लेकर बताया जा रहा है कि इस शादी की जानकारी लड़के के परिवार को पहले से थी, जबकि लड़की के परिजनों को इसकी सूचना बाद में मिली। मंदिर में विवाह के बाद दोनों ने एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार कर लिया है।
घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने पुलिस को दी सूचना :
बताया गया है कि ऑफिस से निकली मुस्कान के शाम तक घर नहीं पहुंचने और मोबाईल बंद आने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस और साईबर टीम उनकी तलाश में जुट गई। जांच के दौरान पता चला कि मुस्कान खोखरा गांव में संत कुमार के घर पर हैं। वहीँ इसकी सूचना मिलते ही चांपा सीएसपी योगिता खपड़े पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं और दोनों से बातचीत कर पूरे मामले की पुष्टि की गई। पुलिस के मुताबिक, मुस्कान ने अपनी मर्जी से संत कुमार के साथ रहने और विवाह करने की बात कही है।
16 दिन में बदल गई पूरी कहानी, शादी वाले दिन जो कुछ हुआ, उसे बताया साजिश :
मुस्कान और संत कुमार ने बताया है कि 23 जून को शादी टूटने के बाद भी दोनों लगातार फोन पर संपर्क में रहे। दोनों का कहना है कि शादी वाले दिन जो कुछ भी हुआ, वह एक साजिश थी। संत कुमार का दावा है कि वह शराब का सेवन नहीं करता है। उसके अनुसार, शादी वाले दिन उसकी कोल्ड ड्रिंक में किसी ने नशीला पदार्थ मिला दिया था, जिससे लोगों को लगा कि वह शराब के नशे में हैं, जबकि वह शराब नहीं पीता है। शादी टूटने के बाद उसने मुस्कान से बातचीत की और माफी मांगी। इसके बाद दोनों के बीच की गलतफहमियां दूर हुईं और उन्होंने साथ जीवन बिताने का फैसला कर लिया। इसके बाद गुरुवार को मनका दाई मंदिर में दोनों ने विवाह कर अपने रिश्ते को नया नाम दे दिया है। हालांकि, शादी वाले दिन नशीला पदार्थ मिलाये जाने के इस दावे की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अंदरूनी रूप से हो सकता है उनके बीच अन्य कोई बातचीत भी हुई हो, जिसे वे सार्वजनिक नहीं करना चाहते होंगे।
प्रदेश में बनी थी चर्चा का विषय :
मामला है 23 जून को मुस्कान ने शादी के मंडप में नशे में पहुंचे दूल्हे को देखकर विवाह से इंकार कर दिया था, जिससे दोनों परिवारों के बीच सर फुटौव्वल कि स्थिति भी बन गई थी। जिसके बाद मुस्कान का यह फैसला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया था। मुस्कान ने कहा था कि जो व्यक्ति शादी के दिन खुद को नहीं संभाल सकता, वह मुझे क्या संभालेगा। उसके इस साहसिक फैसले की पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन और कई सामाजिक संगठनों ने सराहना की थी। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने मुस्कान को सम्मानित किया था और बाद में महिला परिवार परामर्श केंद्र में उसे काउंसलर के रूप में नियुक्ति भी दी गई थी।



