रायपुर : कई बार दुकानदारों के यहाँ जो चोरियां होती है, उनमें आरोपी नजदीक का ही कोई व्यक्ति निकलता है, जो वहां काम कर रहा होता है अथवा काम छोड़ चुका होता है, ऐसे ही एक मामले में रायपुर के सी.ए. तारवानी एंड एसोसिएट ऑफिस में लाखों की चोरी का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। आरोपी कोई और नहीं बल्कि ऑफिस का पुराना कर्मचारी ही निकला है, जिसने अपने साथी के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। इस मामले में पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 7 लाख 80 हजार रुपए जब्त किया है। इस चोरी की पूरी कार्यवाही सिविल लाईन थाना द्वारा की गई है।
इस मामले में पुलिस ने बताया है कि सिविल लाइन क्षेत्र में स्थित एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) के कार्यालय से 7.80 लाख रुपए चोरी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने वारदात के महज 30 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। चोरी की पूरी साजिश ऑफिस के पूर्व कर्मचारी ने अपने दोस्त के साथ मिलकर रची थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी का पूरा कैश भी बरामद कर लिया गया है। आरोपियों का नाम उमेश पोर्ते और लक्ष्मीनारायण ध्रुव बताया जा रहा है।
अब पढ़िए क्या है पूरा मामला :
इस चोरी को लेकर सुंदर नगर निवासी अपर्णा नायक ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया है कि वह तारवानी एंड एसोसिएट्स में कैशियर का काम करती हैं। जब 21 जुलाई की सुबह कार्यालय पहुंचने पर कैश काउंटर का ताला कटर से टूटा मिला। उसमें रखे 7.80 लाख रुपए गायब थे। जिसकी सूचना उनके द्वारा पुलिस को दी गई, सूचना मिलते ही पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
एसीसीयू-सिविल लाइन पुलिस की संयुक्त टीम ने पकड़ा :
कार्यवाही शुरू करते हुये पुलिस उपायुक्त स्मृतिक राजनाला और तारकेश्वर पटेल के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और सिविल लाइन थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, कर्मचारियों और पूर्व कर्मचारियों से पूछताछ की गई। इसके साथ ही मुखबिरों को भी सक्रिय किया गया। संदेह पूर्व कर्मचारी उमेश पोर्ते पर गया, जिसे ऑफिस में रखे हुये नगद रुपयों और व्यवस्था की पूरी जानकारी थी। पुलिस ने उसे बिलासपुर से हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसने अपने साथी लक्ष्मीनारायण ध्रुव के साथ मिलकर चोरी करने की बात स्वीकार कर ली है। इसके बाद पुलिस ने दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है।
मुख्य आरोपी पूर्व में भी जा चुके जेल :
घटना को लेकर दोनों आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की पूरी 7.80 लाख रुपए नगद राशि बरामद कर ली गई है। पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी उमेश पोर्ते के खिलाफ पहले भी बिलासपुर में मारपीट के मामले दर्ज हैं और वह जेल भी जा चुका है। फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 331(4) और 305 के तहत कार्यवाही कर न्यायालय में पेश किया गया है।



