छत्तीसगढ़ में गणेशोत्सव की धूम : 700 करोड़ के कारोबार की उम्मीद, 50 साल बाद गणेश स्थापना और तीज का अद्भुत संयोग।

रायपुर : राजधानी में रविवार से ही गणेशोत्सव की धूम मची है, पंडालों में विराजने वाले गणपति एक दिन पहले स्थापना के लिये अपने स्थान पर पहुँच गये हुई, वहीँ आपको बता दें कि मंगलमूर्ति भगवान श्री गणेश मंगलवार को प्रदेश भर में पूरे विधि-विधान के साथ घर-घर और सार्वजनिक पंडालों में विराजमान होंगे। गणेश चतुर्थी को लेकर राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के हर छोटे-बड़े शहर और गांव के बाजार गुलजार हैं। मूर्तिकारों और कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक, इस वर्ष छत्तीसगढ़ में गणेश प्रतिमाओं का करीब 700 करोड़ रुपए का भारी-भरकम कारोबार हो रहा है।

इस बार का गणेशोत्सव धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी बेहद खास है। 50 वर्षों के बाद गणेश चतुर्थी और हरतालिका तीज का दुर्लभ संयोग बन रहा है, साथ ही 9 साल बाद यह उत्सव 12 दिनों तक चलेगा।

बाजार का गणित : 50 लाख घरों में विराजेंगे बप्पा :

प्रदेश भर में गणेशोत्सव को लेकर जबरदस्त उत्साह है। बड़े शहरों से लेकर छोटे गांवों तक में गणपति बप्पा की स्थापना की जा रही है :

  • छोटी प्रतिमायें : पूरे राज्य में करीब 50 लाख घरों में छोटे गणपति विराजमान होंगे। इनकी कीमत 1,000 से 8,000 रुपए के बीच है। रायपुर में ही करीब 1 लाख छोटी प्रतिमाएं बिक रही हैं, जिससे लगभग 500 करोड़ रुपए का कारोबार होने का अनुमान है।
  • बड़ी व सार्वजनिक प्रतिमायें : प्रदेश के 20 हजार से अधिक गांवों और शहरों में सार्वजनिक समितियों द्वारा 20,000 से ज्यादा बड़े गणपति रखे जा रहे हैं।
  • बड़ी मूर्तियों की कीमत: इन विशाल प्रतिमाओं की कीमत 50 हजार से लेकर 5 लाख रुपए तक है। इससे लगभग 200 करोड़ रुपए का कारोबार हो रहा है।

श्री बजरंग नवयुवक मित्र मंडल (गोलबाजार) के संरक्षक केदारनाथ गुप्ता के अनुसार, उनकी समिति इस वर्ष 3 लाख रुपए की भव्य प्रतिमा स्थापित कर रही है, जो बड़े शहरों के उत्साह को दर्शाता है।

महंगाई की मार : दाम हुए दोगुने

गणपति बप्पा के भक्तों को इस बार महंगाई का भी सामना करना पड़ रहा है। कच्चे माल, रंगों और श्रृंगार के सामानों की कीमतों में उछाल के कारण मूर्तियों के दाम में 40 से 50 फीसदी तक की वृद्धि हुई है।

  • आजाद चौक के मूर्तिकार किशोर साहू बताते हैं कि जो छोटी प्रतिमाएं पिछले साल 200-300 रुपए में मिल जाती थीं, वे इस बार 400 रुपए से कम में उपलब्ध नहीं हैं।

50 साल बाद महासंयोग : एक ही दिन तीज और गणेश चतुर्थी

इस वर्ष 14 सितंबर को मध्याह्न व्यापनी चतुर्थी में श्री गणेश जी की स्थापना होगी और इसी दिन हरतालिका तीज का भी व्रत रखा जाएगा।

  • शुभ मुहूर्त: गणेश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 10:50 बजे से दोपहर 01:18 बजे तक रहेगा।
  • दुर्लभ संयोग: 1976 के बाद यह पहला मौका है जब तीज और गणेश चतुर्थी एक ही दिन मनाई जा रही है। तृतीया तिथि द्वितीया से युक्त होने के कारण सोमवार की चतुर्थी युक्त तृतीया को ही तीज व्रत के लिए शुभ माना गया है।

9 साल बाद 12 दिनों का होगा गणेशोत्सव :

पंचांग में तिथि वृद्धि (चतुर्थी तिथि के दो दिन होने) के कारण इस बार गणेशोत्सव 10 के बजाय 11 दिनों तक चलेगा और 12वें दिन (25 सितंबर, अनंत चतुर्दशी) को प्रतिमा विसर्जन होगा। भक्तों को बप्पा की आराधना के लिए एक दिन अतिरिक्त मिलेगा। यह महासंयोग पूरे 9 साल बाद बना है।

बन रहे हैं नवपंचम और कई शुभ राजयोग :

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 14 सितंबर से शुरू हो रहे इस उत्सव में कई अति-शुभ योगों का निर्माण हो रहा है:

  • मालव्य और भद्र योग।
  • हंस राजयोग और रवि योग।
  • बुध और अरुण के संयोग से नवपंचम राजयोग

ये सभी पंचयोग भक्तों को उनके कार्यों में अपार सफलता और शुभफल प्रदान करने वाले सिद्ध होंगे।