रेल की पटरी पर मिला शव, निखिल ध्रुव, दीपक साहू सहित मामले में पांच गिरफ्तार, सामने आया ये मामला….।

रायपुर : राजधानी रायपुर के गोगांव अडंरब्रिज के ऊपर रेलवे ट्रैक पर सुबह-सुबह युवक की संदिग्ध लाश मिली थी, जिसको लेकर पुलिस ने जांच शुरू की, मृतक की पहचान छोटा अशोकानगर निवासी 19 वर्षीय प्रीतम साहू के रूप में हुई। बताया गया है कि वह नड्डा बेचने का काम करता था। यह घटना शव पर संदिग्ध चोटें मिलने के बाद और भी ज्यादा सनसनीखेज हो गई। शाम होते तक केस की परतें खुलनी शुरू हो गई, जिसमे पता चला है कि गुढ़ियारी थाना क्षेत्र के गोगांव में पांच हजार रुपए के उधार और जुए के पैसों को लेकर हुए विवाद में 19 वर्षीय प्रीतम साहू की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने निखिल ध्रुव (20), दीपक साहू (22), नितिन प्रधान उर्फ सोमू (21) को गिरफ्तार किया है, जबकि दो विधि से संघर्षरत बालकों को भी पकड़ा गया है। आरोपितों ने चाकू से हमला कर प्रीतम की हत्या करने के बाद साक्ष्य छिपाने की नीयत से शव को रेलवे पटरी पर छोड़ दिया और ओड़िशा के टीटलागढ़ भाग गये थे।

मामले के अनुसार सोमवार 17 अगस्त की सुबह गोगांव अंडरब्रिज के पास पुरानी रेलवे लाइन पर एक युवक के ट्रेन की चपेट में आने की सूचना पुलिस को मिली। मौके पर पहुंची गुढ़ियारी पुलिस ने शव की पहचान छोटा अशोक नगर निवासी प्रीतम साहू के रूप में की। प्रारंभ में मामला ट्रेन की चपेट में आने से मौत का लग रहा था, लेकिन पंचनामा कार्रवाई के दौरान मृतक के शरीर पर धारदार हथियार से चोट के निशान मिले। इसके बाद पुलिस ने हत्या की आशंका पर जांच शुरू की।

उधारी के रुपए मांगने पर हुआ विवाद :

मामले की जांच में पता चला है कि प्रीतम ने निखिल ध्रुव को पांच हजार रुपए उधार दिए थे। रुपए वापस नहीं करने पर प्रीतम लगातार निखिल से पैसे मांग रहा था। जुये के पैसों के लेनदेन को लेकर भी दोनों के बीच विवाद चल रहा था। जिसके बाद रविवार 16 अगस्त की रात इसी बात को लेकर दोनों में झगड़ा हुआ। निखिल ने प्रीतम को कहा कि वह रेलवे पटरी के पास स्थित एटीएम से रुपए निकालकर उसे दे देगा। इसके बाद वह प्रीतम को पटरी की ओर ले गया। वहां पहले से मौजूद दीपक साहू, नितिन प्रधान उर्फ सोमू और दो नाबालिगों के साथ मिलकर प्रीतम पर चाकू से हमला कर दिया। जिसके बाद गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई।

शव पटरी पर छोड़कर भागे :

इस हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने घटना को दुर्घटना का रूप देने के लिए शव को रेलवे पटरी पर छोड़ दिया। इसके बाद सभी आरोपी ओड़िशा के टीटलागढ़ भाग गए। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल की परिस्थितियों और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। वहीँ उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश देकर सभी को गिरफ्तार किया गया है। कार्यवाही के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल चाकू बरामद किया गया है। इस मामले में गुढ़ियारी पुलिस ने हत्या और साक्ष्य छिपाने सहित संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर कार्यवाही की है।