नाबालिग बेटी से दुष्कर्म करता रहा हैवान पिता, गर्भपात करवाया, प्रसव करवाया, नवजात बच्चा भी बेचा, सामने आई घिनौनी घटना।

रायपुर : रायपुर में नाबालिग से बलात्कार और उसके नवजात बच्चे को बेचने का मामला सामने आया है। इस मामले में 16 साल की लड़की ने अपने पिता पर करीब 3 साल तक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। थाने में शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी पिता, बुआ समेत कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले की कार्यवाही न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत की गई है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया है कि बलात्कार के बाद वह 2 बार गर्भ से हुई। इस दौरान आरोपियों ने दवाई खिलाकर जबरदस्ती अबॉर्शन भी कराया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों में फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और पीड़िता को अस्पताल में भर्ती कराने से जुड़े लोग भी शामिल हैं। बताया गया है कि नाबालिग बेटी से दुष्कर्म और उसकी उम्र-पहचान छिपाकर फर्जी दस्तावेजों से अस्पताल में प्रसव कराया गया था। पुलिस ने मामले में पीड़िता के पिता और बुआ सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 2 मोबाईल फोन भी जब्त किये गये हैं।

पुलिस के मुताबिक, पीड़िता के पिता ने वर्ष 2023 में अमलीडीह स्थित एक रिश्तेदार के घर में जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म किया था, जबरन शराब भी पिलाई थी। इसके बाद वह लगातार उसका शोषण करता रहा। पीड़िता गर्भवती हो गई, लेकिन डर के कारण उसने किसी को इसकी जानकारी नहीं दी।

बुआ को बताई गर्भवती होने की बात, पिता लाया गर्भपात की दवा :

पीड़िता ने जब गर्भवती होने की जानकारी अपनी बुआ को दी तो बात उसके पिता तक पहुंची। पुलिस का आरोप है कि इसके बाद पिता गर्भपात की दवा लेकर आया। बुआ की मदद से पीड़िता के साथ मारपीट कर उसे दवा खिलाई गई। इससे उसका गर्भपात हो गया। पुलिस के अनुसार, कुछ समय बाद पिता ने फिर पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद वर्ष 2025 में वह दोबारा गर्भवती हो गई। इस मामले में बुआ पर भी पिता का साथ देने का आरोप है।

दो महिलाओं के घर रखकर छिपाई पहचान :

गर्भवती होने की जानकारी मिलने के बाद पिता पीड़िता को एक महिला के घर लेकर गया। वहां से उसे दूसरी महिला के घर भेज दिया गया। वह करीब 2 महीने तक वहां रही। आरोप है कि इसी दौरान उसकी असली उम्र छिपाकर उसे बालिग और विवाहित बताया गया। पुलिस के मुताबिक, अबॉर्शन के बाद भी पीड़िता का शोषण जारी रहा। साल 2025 में वह दोबारा प्रेग्नेंट हो गई। इसके बाद आरोपी पिता उसे डॉक्टर वर्षा मंडल और उसकी परिचित गीता राय के पास लेकर गया।

आरोप है कि पीड़िता की वास्तविक उम्र छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड तैयार कराया गया और उसे बालिग दिखाया गया। इसके साथ ही उसे शादीशुदा बताकर डंगनिया स्थित वासुदेव अस्पताल में भर्ती कराया गया।

प्रसव के बाद नवजात दूसरे व्यक्ति को सौंपा :

पुलिस के मुताबिक, बच्चे के जन्म के बाद नवजात को पीड़िता के पिता और अन्य आरोपियों की मौजूदगी में किसी दूसरे व्यक्ति को सौंप दिया गया। इस दौरान पीड़िता से कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी कराये गये। पुलिस का कहना है कि पीड़िता ने डर और दबाव के कारण इन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए थे। प्रसव के बाद उसे करीब 15 दिन तक महिला के घर रखा गया। इसके बाद उसका पिता उसे वापस अपने घर ले गया था।

17 अगस्त को थाने पहुंची पीड़िता :

पीड़िता ने 17 अगस्त 2026 को न्यू राजेंद्र नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामला सामने आने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस टीम को आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। जांच के बाद पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले की जांच में पुलिस इस पूरे घटनाक्रम में शामिल लोगों की भूमिका और नवजात से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है। इस मामले में पुलिस ने पीड़िता के पिता, रोहित कुमार राय (35), करण नगर चंगोराभांठा, रायपुर, साहेब मंडल (42), ऋषभ नगर, रायपुर, योगिता राय उर्फ गीता राय (32), करण नगर चंगोराभांठा, रायपुर , बरखा वर्मा उर्फ वर्षा मंडल (34), ऋषभ नगर, रायपुर को गिरफ्तार किया है।

BNS और पॉक्सो एक्ट में केस :

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 64(2)(एफ), 65, 336, 337, 61(2), 351(2), 115(2), 89 और 3(5), पॉक्सो एक्ट की धारा 4(2), 5(एन), 6 और किशोर न्याय अधिनियम की धारा 81 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने 2 मोबाईल फोन जब्त किए हैं। अब फर्जी दस्तावेज तैयार करने, अस्पताल में भर्ती कराने, पीड़िता की उम्र और पहचान छिपाने तथा नवजात को दूसरे व्यक्ति को सौंपने से जुड़े पूरे मामले की जांच की जा रही है।