बेमेतरा : अधिकांश गौठानो में ना सफाई की व्यवस्था होती है और चारे – पानी की पर्याप्त उपलब्धता, कई जगह तो गौवंश को बैठने के लिये भी जगह नहीं मिलती , जिससे गोबर में खड़े रहने से उनके खुरों में गंभीर दिक्कत शुरू हो जाती है, जिससे गौवंश बीमार पड़ती है और परलोक सिधार जाती है, ऐसे ही नवागढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम हेमाबंद से गौवंश की मौत का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां चारा-पानी के अभाव में कई मवेशियों की मौत होने का आरोप लगाया गया है, जबकि कई गौवंश गंभीर हालत में मिले हैं। इस घटना की जानकारी सामने आने के बाद गौ सेवकों में भारी आक्रोश है और उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की है।
देखभाल के नाम पर 1200 से 2000 रुपये लेने का आरोप :
इस मामले में गौ सेवकों का आरोप है कि, गांव में मवेशियों की देखभाल के नाम पर दिलीप राय द्वारा कथित तौर पर प्रति मवेशी 1200 से 2000 रुपये तक की राशि ली जाती है। इसके बावजूद गौवंश के लिए पर्याप्त चारा और पानी की व्यवस्था नहीं किये जाने का आरोप लगाया गया है। देखरेख के अभाव में कई मवेशियों की हालत बिगड़ने और कुछ की मौत होने की बात सामने आई है। इसके साथ ही कई जगहों पर सरकारी फंड भी दिया जाता है।
निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्यवाही की उठी मांग :
इस मामले को लेकर गौ सेवकों में खासा आक्रोश है। उनका कहना है कि, गौवंश की देखभाल के नाम पर राशि लेने के बावजूद यदि उन्हें समय पर भोजन और पानी नहीं मिल रहा है, तो यह बेहद गंभीर लापरवाही का मामला है। उन्होंने प्रशासन से मौके की जांच कराने, मृत मवेशियों की संख्या और उनकी मौत के कारणों का पता लगाने और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्यवाही की मांग की है। गौ सेवकों ने चेतावनी दी है कि, यदि मामले में जल्द कार्यवाही नहीं की गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। अब इस पूरे मामले में प्रशासन की जांच और कार्यवाही पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। ऐसे में यदि कार्यवाही नहीं होती है तो गौसेवक उग्र आन्दोलन की तैयारी में है।



