जांजगीर-चांपा। मुलमुला थाना क्षेत्र के ग्राम कोसा में लगभग दो माह पूर्व हुए अमित भंडारी के अंधे कत्ल (ब्लाइंड मर्डर) की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस मामले में पुलिस ने भाई-बहन समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हत्या का मुख्य कारण मृतक का एक शादीशुदा महिला के साथ प्रेम संबंध होना बताया गया है।
हाई-टेक जांच: 200 टावर डंप और पॉलीग्राफ का लिया गया सहारा :
इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती थी। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने बताया कि आरोपियों तक पहुँचने के लिए आधुनिक पुलिसिंग और वैज्ञानिक तकनीकों का भरपूर इस्तेमाल किया गया, जिनमें शामिल हैं:
- संदिग्धों का ब्रेन मैपिंग और पॉलीग्राफ टेस्ट।
- कॉल और लोकेशन ट्रेस करने के लिए 200 से अधिक मोबाइल टावर डंप का विश्लेषण।
क्या था हत्या का कारण?
जांच में यह बात सामने आई है कि मृतक अमित भंडारी का गांव की ही रहने वाली संतोषी सिंह के साथ पुराना प्रेम प्रसंग था। खास बात यह थी कि संतोषी की शादी हो जाने के बाद भी दोनों के बीच संबंध खत्म नहीं हुए थे और उनकी लगातार बातचीत जारी थी।
वारदात की रात का पूरा घटनाक्रम :
पुलिस अधीक्षक ने घटना की रात का सिलसिलेवार ब्यौरा देते हुए बताया:
- फोन पर बातचीत: 27 जून की रात अमित और संतोषी के बीच करीब रात 1:30 बजे तक फोन पर बातचीत हुई।
- आधी रात को मुलाकात: इसके बाद रात करीब 2:30 बजे अमित प्रेमिका संतोषी से मिलने उसके घर के पीछे पहुंचा।
- मारपीट और हत्या: इसी बीच संतोषी का भाई बजरंग सिंह वहां आ धमका। अमित को वहां देखकर दोनों के बीच विवाद और फिर मारपीट शुरू हो गई। पुलिस के मुताबिक, इसी हाथापाई में अमित का सिर दीवार से जा टकराया। इसके बाद बजरंग ने गुस्से में आकर एक छोटे फावड़े से अमित के सिर और सीने पर ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी।
- शव को ठिकाने लगाना: वारदात को अंजाम देने के बाद शव को अमहदा तालाब के पास एक निर्जन बाड़ी की झाड़ियों में छिपा दिया गया। अगले दिन बजरंग ने अपने भाई पप्पू को इस हत्या की जानकारी दी।
29 जून की सुबह पुलिस को अमित का शव बरामद हुआ था। आखिरकार पुलिस ने सभी कड़ियों को जोड़ते हुए इस हत्याकांड में शामिल संतोषी, बजरंग और पप्पू को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।। (ऑटो-अपडेटेड समाचार)



