कोतबा (जशपुर) : जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पीठाआमा में गुरुवार की दोपहर अचानक आए भीषण आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई। दोपहर करीब 2:00 से 3:00 बजे के बीच आए इस प्रचंड तूफान से सुखवासु पारा सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि दर्जनों मकानों के शेड और छप्पर तिनकों की तरह हवा में उड़ गए।
आशियाने उजड़े, विशालकाय पेड़ धराशाई :
तूफान के चलते ग्राम सुखवासी पारा निवासी लुथरो राम तुर्री, रोशन मरियानुस खड़िया और मंगल साय समेत कई ग्रामीणों के मकानों की छतें उड़ गईं, जिससे परिवारों के सामने सिर छिपाने का संकट खड़ा हो गया है। इसके अलावा कुकराझार, ईमली पारा और तुरीपारा में भी प्राकृतिक संपदा को बड़ा नुकसान हुआ है। हवा के तेज झोंकों से आम, महुआ, इमली, कोसम और साजा के विशालकाय पेड़ जड़ से उखड़कर गिर पड़े, जिससे कई मुख्य रास्ते अवरुद्ध हो गए।
‘श्री श्याम एग्रोटेक’ राइस मिल में करोड़ों की बर्बादी :
इस आपदा की सबसे बड़ी मार स्थानीय राइस मिल ‘श्री श्याम एग्रोटेक’ पर पड़ी। तूफान में मिल परिसर का मजबूत लोहे के एंगल वाला विशालकाय टीन शेड उखड़कर दूर जा गिरा। छत उड़ने से मिल के भीतर लगी मशीनरी खुले आसमान के नीचे आ गई और गोदाम में रखा भारी मात्रा में धान व चावल भीगकर खराब हो गया। मिल संचालक राहुल निंगानिया ने बताया कि शेड टूटने, मशीनरी क्षतिग्रस्त होने और स्टॉक नष्ट होने से उन्हें करोड़ों रुपये की भारी आर्थिक क्षति हुई है।
खेतों में बिछी फसल, संकट में किसान :
आंधी-तूफान और बारिश ने क्षेत्र के किसानों की मेहनत पर भी पानी फेर दिया। खेतों में लहलहा रही धान की फसल जमीन पर बिछ गई है। दाने खराब होने और पैदावार घटने की आशंका से अन्नदाता गहरे संकट में हैं। अचानक आई इस प्राकृतिक आपदा के बाद पीठाआमा ग्राम पंचायत के ग्रामीण, व्यापारी और किसान गहरे सदमे में हैं और शासन-प्रशासन से तत्काल सर्वे कराकर उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। इस आपदा ने क्षेत्र के लोगों के लिये चिंता बढ़ा दी है।



