बिलासपुर और मुंगेली में स्टेट GST की बड़ी कार्यवाही: 6 कारोबारी प्रतिष्ठानों पर जांच, बावा होटल पर 60 लाख रुपये का लगा जुर्माना।

बिलासपुर/मुंगेली: राज्य कर (स्टेट जीएसटी) विभाग ने कर चोरी और बोगस बिलिंग पर नकेल कसते हुए बिलासपुर और मुंगेली के छह प्रमुख व्यापारिक ठिकानों पर जांच कार्रवाई की है। इस कार्रवाई की जद में मुंगेली के होटल-ढाबे व सराफा कारोबारी तथा बिलासपुर के व्यापार विहार स्थित थोक व्यापारी आए हैं। विभाग ने मुंगेली स्थित प्रसिद्ध वैष्णव मिष्ठान भंडार (बावा होटल) पर कर अपवंचन के मामले में 60 लाख रुपये का भारी जुर्माना ठोका है।

कच्चे बिल और टैक्स चोरी पर विभाग का शिकंजा :

अधिकारियों के अनुसार, राज्यभर में स्टेट और सेंट्रल जीएसटी की टीमें बोगस बिलिंग, ई-वे बिल विसंगतियों और अघोषित व्यापार के खिलाफ निरंतर अभियान चला रही हैं। जांच में यह बात सामने आई थी कि मुंगेली के कई होटलों, रेस्टोरेंट और दुकानों में ग्राहकों को कच्चे बिल देकर टैक्स की चोरी की जा रही थी। शिकायतों की पुष्टि के बाद टीम ने एक साथ विभिन्न प्रतिष्ठानों पर दबिश दी।

प्रमुख प्रतिष्ठानों पर हुई कार्यवाही

  • वैष्णव मिष्ठान भंडार / बावा होटल (पड़ाव चौक, मुंगेली) : यह इस अभियान की सबसे बड़ी कार्रवाई रही। कर संबंधी गंभीर गड़बड़ियां पाए जाने पर विभाग ने प्रतिष्ठान पर 60 लाख रुपये की पेनाल्टी अधिरोपित कर टैक्स वसूली की प्रक्रिया शुरू की है।
  • नुक्कड़ ढाबा (धरमपुरा मेन रोड, मुंगेली) : यहां प्राथमिक जांच में कच्चे बिल जारी करने की पुष्टि होने पर 20 हजार रुपये का तात्कालिक जुर्माना लगाया गया।
  • मोनिका ज्वेलर्स (बलानी चौक) एवं दिनेश ज्वेलर्स (पड़ाव चौक, मुंगेली) : दोनों प्रतिष्ठानों में स्टॉक रजिस्टर, इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) और बिक्री के रिकॉर्ड्स की सघन पड़ताल की गई।
  • व्यापार विहार (बिलासपुर) : व्यापारिक क्षेत्र के तीन बड़े प्रतिष्ठानों—गुटखा, ड्राई फ्रूट्स और खाद्य तेल व्यापारियों—के यहां बिलिंग रिकॉर्ड, स्टॉक मिलान और ई-वे बिल दस्तावेजों की विस्तृत जांच की गई।

विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड्स का मिलान जारी है, जिसके आधार पर आने वाले दिनों में देय कर और अतिरिक्त जुर्माने का निर्धारण किया जायेगा।