धमतरी में एसबीआई कियोस्क संचालक केशव राम साहू गिरफ्तार, खाताधारकों के 1 करोड़ रुपये से अधिक का किया गबन, 29 एफडी बॉन्ड जब्त।

धमतरी : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में भखारा पुलिस ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के एक कियोस्क संचालक को करोड़ों रुपये के वित्तीय गबन और धोखाधड़ी के गंभीर मामले में गिरफ्तार किया है। आरोपी संचालक ने लगभग एक दशक तक ग्राहकों के विश्वास का दुरुपयोग करते हुए कुल 1 करोड़ 75 हजार 717 रुपये का हेरफेर किया। धमतरी पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय के निर्देशन में वित्तीय धोखाधड़ी व आर्थिक अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे सघन अभियान के अंतर्गत भखारा पुलिस को यह बड़ी कामयाबी मिली है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान 40 वर्षीय केशव राम साहू (पिता हेमलाल साहू) के रूप में हुई है। वह मूलतः बालोद जिले के ग्राम देवकोट का निवासी है और वर्तमान में रायपुर के बोरिया खुर्द स्थित अर्जुन विहार में रह रहा था। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, धमतरी स्थित एनआईसीटी टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (NICT Technologies Pvt. Ltd.) कंपनी भारतीय स्टेट बैंक के अनुबंध पर ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राहक सेवा केंद्र (कियोस्क) संचालित करवाती है। कंपनी ने ग्राम कोरा में कियोस्क संचालन की जिम्मेदारी केशव राम साहू को सौंपी थी।

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने 27 अगस्त 2015 से 29 नवंबर 2025 के बीच पद का दुरुपयोग करते हुए खाताधारकों के साथ बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की। उसने कूटरचित दस्तावेजों और फर्जीवाड़े के जरिए कुल ₹1,00,75,717 की राशि का गबन किया। संस्था के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर जुगलकिशोर द्वारा भखारा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 338 और 336(3) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की।

संदेही केशव राम साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने वित्तीय अनियमितता और गबन का अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस ने ग्राम कोरा स्थित कियोस्क केंद्र से एक लेनोवो कंपनी का लैपटॉप और 29 खाताधारकों के फिक्स डिपॉजिट (FD) बॉन्ड पेपर विधिवत जब्त किए। पुख्ता साक्ष्य मिलने के उपरांत पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कुरूद न्यायालय में पेश किया, जहां से अदालत ने उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।