सोशल मीडिया पर आत्मघाती कदम उठाने का वीडियो डालने वाले युवक को पुलिस ने बचाया, साईबर सेल की तत्परता से टली अनहोनी।

रायगढ़ : सोशल मीडिया पर अपनी जीवनलीला समाप्त करने की बात कहते हुए वीडियो साझा करने वाले एक युवक की जान खरसिया पुलिस की सक्रियता से बच गई। पुलिस प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को भांपते हुए बिना समय गंवाए त्वरित कार्यवाही की और साइबर तकनीक के सहारे युवक को रेलवे पटरी के समीप से सकुशल बरामद कर उसके परिजनों के सुपुर्द किया।

वीडियो सामने आते ही हरकत में आया पुलिस महकमा :

प्राप्त जानकारी के अनुसार, खरसिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बोकरामुड़ा निवासी युवक गोकुल निषाद ने सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो अपलोड किया था, जिसमें वह अपनी जिंदगी खत्म करने की बात कह रहा था। जैसे ही यह वीडियो वायरल होकर पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में आया, पूरे मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता और गंभीरता से लिया गया।

साइबर सेल के जरिए ट्रेस की गई सटीक लोकेशन :

चौकी प्रभारी खरसिया निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी ने तत्परता दिखाते हुए साईबर थाने की तकनीकी टीम से समन्वय स्थापित किया। साइबर विशेषज्ञों ने डिजिटल माध्यमों की सहायता से युवक की लोकेशन ट्रैक की। तकनीकी इनपुट से संकेत मिला कि युवक रेलवे ट्रैक की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिसके बाद पुलिस दल ने तत्काल उस क्षेत्र के रास्तों की घेराबंदी शुरू कर दी।

रेलवे ट्रैक के पास से युवक को लिया गया संरक्षण में :

तलाश के दौरान पुलिस टीम को युवक रेलवे पटरी के आसपास घूमता नजर आया। जब युवक ने पुलिसकर्मियों को अपनी तरफ आते देखा, तो वह वहां से निकलकर टाउन हॉल होते हुए रायगढ़ चौक की दिशा में भागने लगा। मुस्तैद पुलिस टीम ने बिना देर किए उसका पीछा किया और उसे सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया।

सकारात्मक समझाइश के बाद परिजनों को सौंपा :

युवक को सुरक्षित स्थान पर लाने के बाद पुलिस अधिकारियों ने उससे आत्मीयता से बातचीत की और उसके तनाव के कारणों को समझने का प्रयास किया। अधिकारियों ने उसे जीवन का महत्व समझाते हुए प्रेरित किया कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी ऐसा कोई आत्मघाती कदम नहीं उठाना चाहिए। आवश्यक वैधानिक कार्यवाही और काउंसलिंग पूरी होने के बाद युवक को उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया।

सराहनीय भूमिका और पुलिस की सार्वजनिक अपील :

इस जीवन रक्षक कार्यवाही में चौकी प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी, प्रशिक्षु उप-निरीक्षक प्रवीण कुमार बांधव, आरक्षक साविल चंद्रा और साईबर थाने के आरक्षक रविंद्र गुप्ता की भूमिका उल्लेखनीय रही। इस त्वरित कार्यवाही से एक अनमोल जीवन की रक्षा हो सकी।

रायगढ़ पुलिस ने आमजन से यह अपील भी की है कि किसी भी प्रकार की मानसिक परेशानी, तनाव या भावनात्मक संकट के समय कोई घातक कदम न उठाएं। ऐसी स्थिति में अपने परिवार, मित्रों, विश्वसनीय लोगों अथवा पुलिस व हेल्पलाइन से संपर्क कर सहायता प्राप्त करें।