स्मृति ईरानी बनीं छत्तीसगढ़ भाजपा की नई प्रदेश प्रभारी, सिद्धार्थ शम्भू को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी; सीएम साय व प्रदेश अध्यक्ष ने जताया हर्ष।

रायपुर : भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा विभिन्न राज्यों में प्रभारियों की नई सूची जारी किए जाने के बाद छत्तीसगढ़ भाजपा में भारी उत्साह और उल्लास का वातावरण देखा जा रहा है। पार्टी शीर्ष नेतृत्व द्वारा राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ का नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया गया है, जबकि राष्ट्रीय मंत्री सिद्धार्थ शम्भू को प्रदेश के सह-प्रभारी की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस घोषणा के बाद प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व, मंत्रियों और कार्यकर्ताओं ने दोनों नवनियुक्त पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनायें दी हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस महत्वपूर्ण नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए केंद्रीय नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने कहा कि स्मृति ईरानी का लंबा राष्ट्रीय अनुभव, राष्ट्रसेवा के प्रति उनका समर्पण और संगठन के प्रति अटूट निष्ठा छत्तीसगढ़ में भाजपा संगठन और जनसेवा के संकल्प को नई ऊर्जा देगी। सीएम साय ने विश्वास व्यक्त किया कि उनके व्यापक मार्गदर्शन से प्रदेश में विकास कार्यों और पार्टी के कार्यक्रमों को मजबूती मिलेगी। सह-प्रभारी सिद्धार्थ शम्भू की नियुक्ति पर उन्होंने कहा कि उनकी सक्रिय भागीदारी से संगठनात्मक कामकाज और रणनीतिक कार्यवाही में तेजी आएगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अन्य राज्यों में नियुक्त किए गए सभी नए प्रभारियों और सह-प्रभारियों को भी शुभकामनाएं दीं।

इधर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने भी केंद्रीय नेतृत्व के निर्णय का स्वागत किया और राष्ट्रीय अध्यक्ष का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला प्रदेश संगठन को और अधिक सुदृढ़, सक्रिय और गतिशील बनाएगा। किरण देव ने कहा कि स्मृति ईरानी एक प्रखर वक्ता और अत्यंत कुशल संगठनकर्ता हैं। उनके मार्गदर्शन से कार्यकर्ताओं में नया जोश भरेगा, जिससे पार्टी का जनाधार और अधिक व्यापक होगा। वहीं, सिद्धार्थ शम्भू की युवा ऊर्जा और संगठनात्मक सूझबूझ से जमीनी स्तर पर पार्टी की शक्ति में वृद्धि होगी।

प्रदेश अध्यक्ष ने भरोसा जताया कि दोनों वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन में राज्य सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। इससे जन-कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की कार्यवाही घर-घर तक पहुंचेगी और संगठन विस्तार के अभियानों को एक नई गति मिलेगी।