रायपुर : बहुचर्चित ऑनलाईन महादेव सट्टा ऐप मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने बड़ी कार्यवाही करते हुए सट्टा सिंडिकेट के अहम सदस्य अभिषेक कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। दुबई से भारत लौटते ही सीबीआई ने उसे हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरते ही दबोच लिया।
दुबई में निवेश और नेटवर्क संचालन में भूमिका :
सीबीआई को मिली जानकारी के मुताबिक, अभिषेक बेटिंग पैनल्स का समन्वय करने, फंड जुटाने और अवैध गतिविधियों से अर्जित कमाई को दुबई में अचल संपत्तियों में निवेश करने में मुख्य भूमिका निभा रहा था। तलाशी के दौरान उसके पास से कई आपत्तिजनक दस्तावेज व सामग्री जब्त की गई है। एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह सामग्री महादेव बेटिंग ऐप के संचालन से जुड़ी प्रतीत होती है। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और शुभम सोनी के साथ मिलकर सीधे तौर पर काम कर रहा था।
7 रेड कॉर्नर नोटिस और प्रत्यर्पण की कार्यवाही :
सिंडिकेट के फरार प्रमोटरों को भारत लाने के लिए जांच एजेंसी लगातार प्रयास कर रही है। इस सिलसिले में अब तक 7 रेड कॉर्नर नोटिस और 2 प्रत्यर्पण प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं, जबकि 2 अन्य आरोपियों के खिलाफ प्रत्यर्पण की कार्यवाही जारी है। सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि अवैध सट्टेबाजी में लिप्त सभी आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी और अपराध से जुटाई गई अवैध संपत्ति को जब्त करने की कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी।
कोर्ट से दो दिन की पुलिस कस्टडी :
गिरफ्तारी के बाद अभिषेक को हैदराबाद की स्थानीय अदालत में पेश कर सीबीआई ने तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड हासिल की। इसके बाद उसे रायपुर स्थित सीबीआई अदालत में प्रस्तुत किया गया, जहां से अदालत ने उसे दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया। गौरतलब है कि महादेव सट्टा ऐप नेटवर्क को लेकर राज्य के विभिन्न थानों में कुल 13 एफआईआर दर्ज हैं।



