केशकाल : चक्रवात ‘अर्नब’ के असर से केशकाल और आसपास के समूचे क्षेत्र में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। बीते तीन दिनों से अंचल में रुक-रुककर हो रही बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे क्षेत्र में अचानक ठंडक बढ़ गई है। आसमान में घने बादलों के डेरे के बीच चल रही तेज हवाओं ने आमजन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई स्थानों पर भारी-भरकम पेड़ों और डालियों के धराशाई होने से हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है।
सड़कों पर पेड़ गिरने से आवागमन बाधित, बिजली संकट की आशंका :
तेज अंधड़ और लगातार हो रही बारिश से मुख्य सड़कों, ग्रामीण संपर्क मार्गों और बस्तियों में पेड़ों के गिरने का सिलसिला जारी है। कई जगहों पर टहनियां टूटकर सीधे मार्गों पर आ गिरी हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। बिजली के तारों के इर्द-गिर्द खड़े पेड़ों के टूटने से फॉल्ट और आपूर्ति बाधित होने का खतरा बढ़ गया है, जिससे कई क्षेत्रों में ब्लैकआउट की स्थिति निर्मित हो सकती है।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता :
खराब मौसम के बीच दूरदराज के क्षेत्रों से स्कूल आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल बन गई है। ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में बच्चे साइकिल, दोपहिया वाहनों से या पैदल ही स्कूल पहुंचते हैं। रास्तों पर कमजोर व जर्जर पेड़ों के गिरने की घटनाओं से बच्चों की आवाजाही में बड़ा जोखिम पैदा हो गया है। अभिभावकों ने स्कूल परिसरों और रास्तों पर मौजूद खतरनाक पेड़ों की जांच कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने पर जोर दिया है।
ग्रामीण अंचलों में कीचड़ और जलभराव, दैनिक दिनचर्या प्रभावित :
बारिश का सर्वाधिक प्रभाव ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में देखा जा रहा है। कच्चे मार्गों पर कीचड़ पसर जाने और गड्ढों में पानी भर जाने से संपर्क मार्ग दलदल में तब्दील हो गए हैं। किसानों व ग्रामीणों का रोजमर्रा का कामकाज प्रभावित हो रहा है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति निर्मित होने से ग्रामीण लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
प्रशासन से त्वरित कार्यवाही की मांग :
मौसम के रुख को भांपते हुए स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से फौरी कार्यवाही की मांग की है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि स्कूलों, व्यस्त चौराहों, मुख्य सड़कों और बिजली लाइनों के ऊपर लटक रही खतरनाक शाखाओं व कमजोर पेड़ों को समय रहते काटा जाए। यदि इस दिशा में समय रहते एहतियाती कार्यवाही नहीं की गई, तो किसी बड़े हादसे की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
सावधानी बरतने की अपील :
हालात को देखते हुए आमजन और विशेषकर पालकों से अत्यधिक सतर्कता बरतने का आग्रह किया गया है। लोगों को जर्जर पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न होने तथा बच्चों की आवाजाही के दौरान मौसम पर नजर रखने की सलाह दी गई है। केशकाल में यदि बारिश और हवाओं का यह क्रम जारी रहता है, तो आने वाले दिनों में यातायात, बिजली और ग्रामीण कनेक्टिविटी से जुड़ी चुनौतियां और विकराल रूप ले सकती हैं।
राजधानी रायपुर सहित कई जिलों में अलर्ट जारी :
राजधानी रायपुर में दिनभर बारिश की सम्भावना जताई गई है, इसके साथ ही कई जिलों में भी लगातार और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। चक्रवात ‘अर्नब’ के असर से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है, फ़िलहाल दिनभर राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।



