कुरुद/धमतरी: धमतरी जिले के ग्राम पंचायत मेघा से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां उफनते नाले और बाढ़ का जलस्तर देखने गई 15 वर्षीय छात्रा ताराना निषाद (उर्फ तन्नू) अचानक पानी के तेज बहाव में बह गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे क्षेत्र और गांव में भारी आक्रोश, चिंता और शोक का माहौल बना हुआ है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छात्रा पेट्रोल पंप के समीप पानी से लबालब भरी नाली के पास खड़ी थी, तभी अचानक उसका पैर फिसल गया और वह सीधे तेज बहाव की चपेट में आ गई। जलधारा की गति इतनी तीव्र थी कि कुछ ही पलों में वह गहरे पानी में समा गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचा और छात्रा की तलाश के लिए प्राथमिक बचाव कार्यवाही शुरू की गई। हालांकि, क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और नाले के विकराल रूप ले चुके तेज बहाव के कारण राहत व बचाव दल को खोजबीन में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस एवं प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कार्यवाही करते हुए उच्चाधिकारियों को भी हालात से अवगत करा दिया गया है।
SDRF टीम रवाना, सघन सर्च ऑपरेशन की तैयारी :
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, छात्रा की तलाश के लिए राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की विशेष टीम चंदना-चंदसुर से घटनास्थल के लिए रवाना हो चुकी है। SDRF टीम के पहुंचते ही आधुनिक उपकरणों और मोटर बोट की मदद से नाले के बहाव क्षेत्र तथा उससे जुड़े संभावित निचले जलभराव वाले स्थानों पर व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा। स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्रा की स्थिति के संबंध में किसी भी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि करने से इंकार नहीं किया जा रहा है, किंतु जब तक प्रत्यक्ष साक्ष्य या SDRF की रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक वस्तुस्थिति स्पष्ट नहीं की जा सकती। मगरलोड थाना पुलिस और संबंधित तहसीलदार निरंतर घटनास्थल पर उपस्थित रहकर स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और परिजनों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यवाही को आगे बढ़ा रहे हैं।
लगातार बारिश के बीच उफान पर नदियां और नाले: प्रशासन की सख्त चेतावनी :
जिले में पिछले कुछ दिनों से हो रही अनवरत बारिश के कारण तमाम नदी-नाले और प्राकृतिक जलस्रोत उफान पर हैं, जिससे निचले क्षेत्रों में जलभराव की गंभीर स्थिति निर्मित हो गई है। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी सूरत में तेज बहाव वाले नालों, उफनती नदियों, पुल-पुलियों और जलमग्न रपटों के समीप न जाएं। विशेष रूप से बच्चों और किशोरों को कौतूहलवश पानी देखने या जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से रोकने के सख्त निर्देश अभिभावकों को दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आपदा की इस घड़ी में किसी भी प्रकार की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए और निर्देशों की अवहेलना करने वालों पर नियमानुसार कठोर कार्यवाही की जाएगी।



