अंबिकापुर मां-बेटी हत्याकांड : मुख्य दोषी कुलदीप साहू सहित 3 को फांसी, चौथे को उम्रकैद; फैसले के बाद चेहरे पर कुटिल मुस्कान की जगह दिखा खौफ।

अंबिकापुर : सूरजपुर के बहुचर्चित मां-बेटी हत्याकांड में अदालत द्वारा फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद मुख्य दोषी कुलदीप साहू के चेहरे की हवाइयां उड़ती नजर आईं। गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सजा के ऐलान के दौरान उसके चेहरे पर साफ तौर पर भय और तनाव दिखाई दिया। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही एक अन्य आपराधिक मामले में सजा मिलने के बाद कोर्ट परिसर से निकलते वक्त कुलदीप साहू मुस्कुराते हुए देखा गया था।

सूरजपुर फास्ट ट्रैक कोर्ट ने इस जघन्य हत्याकांड में मुख्य दोषी कुलदीप साहू सहित तीन दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है, जबकि चौथे दोषी आर्यन विश्वकर्मा को प्राकृतिक मृत्यु तक आजीवन कारावास की सजा दी गई है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी और सजा का ऐलान :

कुलदीप साहू वर्तमान में अंबिकापुर केंद्रीय जेल में बंद है। सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक नियमों के तहत उसे अदालत की कार्यवाही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया था। जैसे ही अदालत ने फांसी की सजा का ऐलान किया, जेल में मौजूद कुलदीप के चेहरे पर शिकन और डर के भाव साफ दिखाई दिए। इससे पहले 29 सितंबर को अदालत ने कुलदीप साहू समेत चारों आरोपियों को हत्या, दुष्कर्म और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत दोषी ठहराया था और सजा की घोषणा के लिए 8 अक्टूबर की तारीख मुकर्रर की थी।

अंबिकापुर से रायपुर जेल शिफ्ट करने की तैयारी :

फांसी की सजा मुकर्रर होने के बाद अब कुलदीप साहू को अंबिकापुर केंद्रीय जेल से रायपुर जेल शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रायपुर जेल में फांसी की व्यवस्था उपलब्ध होने के कारण आगे की जेल प्रक्रिया के तहत उसे वहां भेजे जाने की तैयारी की जा रही है। वर्तमान में वह अंबिकापुर जेल में अपने सह-आरोपियों के साथ बंद है। जेल प्रशासन की तरफ से सुरक्षा और आगामी कानूनी प्रक्रिया के मद्देनजर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है, जिसके तहत उसे जल्द ही कड़ी सुरक्षा में रायपुर जेल भेजा जाएगा।

कुछ दिन पहले कोर्ट से निकलते वक्त मुस्कुरा रहा था कुलदीप :

कुलदीप साहू के हाव-भाव में आया यह बदलाव चर्चा का केंद्र बना हुआ है। बीते 29 सितंबर को पुलिसकर्मियों को वाहन से कुचलने के प्रयास के मामले में जब उसे 10 साल के कारावास की सजा सुनाई गई थी, तब वह कोर्ट से बाहर निकलते समय बेखौफ होकर मुस्कुरा रहा था। उस दौरान उसकी मुस्कुराहट का वीडियो भी सामने आया था। हालांकि, मां-बेटी हत्याकांड में जैसे ही फांसी का फैसला सुनाया गया, उसकी यह बेपरवाही पूरी तरह खौफ में तब्दील हो गई।

क्या था सूरजपुर का मां-बेटी हत्याकांड?

यह दिल दहला देने वाला मामला 13 अक्टूबर 2024 का है। सूरजपुर थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक की पत्नी और उनकी 11 वर्षीय मासूम बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में हत्या के साथ-साथ दुष्कर्म की भी पुष्टि हुई थी। लगभग दो साल तक चली सघन न्यायिक सुनवाई के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट ने चारों आरोपियों को दोषी करार देते हुए यह कड़ा फैसला सुनाया है।