राजधानी में कपड़ा कारोबारी किशोर बलवानी की स्कूटी से 10 लाख रुपये पार, डिक्की से नकदी लेकर आरोपी फरार, सामने आई ये घटना….।

रायपुर : दीपावली के पावन पर्व से ठीक पहले छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के व्यस्ततम सिविल लाईन थाना क्षेत्र में एक बेहद सनसनीखेज और दुस्साहसिक वारदात सामने आई है। शहर के प्रमुख कटोरा तालाब क्षेत्र के समीप अज्ञात शातिर उठाईगीरों ने कपड़ा कारोबारी किशोर बलवानी की स्कूटी को निशाना बनाते हुए उसमें रखे 10 लाख रुपये की भारी-भरकम नकदी पर हाथ साफ कर दिया। पीड़ित व्यवसायी सड़क किनारे अपना दोपहिया वाहन खड़ा कर कुछ पलों के लिए पान की दुकान पर गया था, तभी घात लगाए बैठे बदमाशों ने मौका पाकर डिक्की में रखी नकदी उड़ा ली। घटना की लिखित शिकायत मिलने के बाद सिविल लाईन थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध मुकद्दमा दर्ज कर व्यापक स्तर पर वैधानिक कार्यवाही प्रारंभ कर दी है।

पान खाने रुके और उड़ गये 10 लाख रुपये :

इस घटना के संबंध में प्राप्त विस्तृत विवरण के अनुसार, प्रतिष्ठित कपड़ा व्यवसायी किशोर बलवानी शुक्रवार को अपने व्यावसायिक लेन-देन और भुगतान के सिलसिले में शहर में निकले थे। उनके पास बैग में 10 लाख रुपये की नकदी मौजूद थी, जिसे उन्होंने अपनी स्कूटी में सुरक्षित रखा हुआ था। कटोरा तालाब के पास पहुंचने पर वे सड़क किनारे स्कूटी खड़ी कर पास ही स्थित एक दुकान पर पान खाने चले गये थे।

कारोबारी जब कुछ ही मिनटों बाद वापस लौटे, तो वाहन में रखा नकदी से भरा बैग नदारद मिला। अचानक हुए इस नुकसान से स्तब्ध पीड़ित ने आसपास के दुकानदारों और राहगीरों से पूछताछ की, किंतु किसी को भी संदिग्धों की गतिविधि का आभास नहीं हुआ। इसके तत्काल बाद पीड़ित ने सिविल लाईन थाना पहुंचकर पुलिस को आपबीती सुनाई और प्राथमिकी दर्ज कराई।

सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी पुलिस, साईबर सेल की ली जा रही मदद :

व्यापारी की स्कूटी से सटीक तरीके से नकदी भरा बैग पार किए जाने की शैली से स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि बदमाशों ने पूरी रेकी करने के बाद इस घटना को अंजाम दिया। आशंका जताई जा रही है कि आरोपी कारोबारी के निकलने के स्थान से ही लगातार उनका पीछा कर रहे थे और उन्हें बैग में मौजूद बड़ी रकम की सटीक जानकारी थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर विशेष जांच दल का गठन किया गया है। सिविल लाईन थाना पुलिस घटनास्थल और कटोरा तालाब क्षेत्र के सभी मार्गों पर लगे शासकीय एवं निजी प्रतिष्ठानों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का गहन विश्लेषण कर रही है। तकनीकी साक्ष्य जुटाने के लिए जिला पुलिस की विशेष साईबर शाखा को भी जांच में शामिल किया गया है। घटना के समय सक्रिय रहे संदिग्ध मोबाईल नंबरों और टावर डंप डेटा की तकनीकी जांच की जा रही है, ताकि संदेही व्यक्तियों का सटीक सुराग मिल सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संदिग्धों की धरपकड़ के लिए शहर के प्रमुख निकास द्वारों पर सघन चेकिंग अभियान भी चलाया जायेगा।

अंतर्राज्यीय गिरोह के तार जुड़ने का संदेह: सीमावर्ती राज्यों में भी सतर्कता :

त्यौहारी दिनों में व्यावसायिक केंद्रों, मंडियों और वित्तीय संस्थानों के आसपास सक्रिय रहने वाले गिरोहों के पिछले रिकॉर्ड को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस इस संभावना से बिल्कुल भी इंकार नहीं कर रही है कि इस वारदात के पीछे किसी पेशेवर अंतर्राज्यीय गिरोह का हाथ हो सकता है।

छत्तीसगढ़ से सटे पड़ोसी राज्यों, विशेषकर ओड़िशा और सीमावर्ती क्षेत्रों के सक्रिय गिरोहों की कार्यप्रणाली से इस वारदात के तौर-तरीके का मिलान किया जा रहा है। राज्य की सीमावर्ती जांच चौकियों को भी अलर्ट जारी किया गया है, ताकि आरोपी किसी दूसरे राज्य में भागने में सफल न हो सकें। यदि आरोपी शहर से बाहर निकलने की फिराक में होंगे, तो उन्हें नाकेबंदी के जरिए शीघ्र पकड़ लिया जायेगा। पुलिस अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आयेंगे, उनके आधार पर बिना किसी ढिलाई के कठोर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।

त्यौहारी भीड़भाड़ में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल : व्यापारियों में रोष

दीपावली पर्व के मद्देनजर राजधानी के बाजारों में व्यापारिक चहल-पहल चरम पर है। दुकानों में ऑनलाईन लेन-देन के साथ-साथ नकद भुगतान का भारी प्रवाह बना हुआ है। ऐसे संवेदनशील समय में शहर के मध्य स्थित सुरक्षित माने जाने वाले क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई इस बड़ी उठाईगिरी से स्थानीय व्यापारियों में असुरक्षा और चिंता की लहर दौड़ गई है।

व्यापारी संगठनों का कहना है कि त्यौहार के समय बाजारों में गश्त और पुलिस सुरक्षा का तंत्र किसी भी स्थिति में ठप्प नहीं पड़ना चाहिए। व्यापारिक प्रतिनिधियों ने प्रमुख बाजारों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने की मांग की है। वहीं, पुलिस प्रशासन ने सभी व्यवसायियों से अपील की है कि बड़ी नकद रकम ले जाते समय पूरी सतर्कता बरतें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के दिखने पर तुरंत सूचना दें। फिलहाल सिविल लाईन पुलिस का पूरा ध्यान आरोपियों की शिनाख्त कर लूटी गई 10 लाख रुपये की राशि को बरामद करने पर केंद्रित है, और अधिकारियों का दावा है कि इस पूरे प्रकरण का शीघ्र ही पर्दाफाश कर दिया जायेगा।