शारदीय नवरात्रि विशेष : आस्था और साधना का महापर्व कल से शुरू, व्रत के दौरान क्या खायें और किन चीजों से करें परहेज, जानें जरुरी जानकारी।

धर्म/संस्कृति : देशभर में त्यौहारी माहौल के बीच शक्ति की उपासना का नौ दिवसीय महापर्व शारदीय नवरात्रि कल यानी 11 अक्तूबर से श्रद्धा एवं उल्लास के साथ शुरू होने जा रहा है। इस पावन अवसर पर श्रद्धालु नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की विधिवत पूजा-अर्चना करते हैं, कलश स्थापना करते हैं और उपवास रखते हुए मां भगवती को उनका प्रिय सात्विक भोग अर्पित करते हैं।

प्रमुख शक्तिपीठों और मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी लाईन लगने की संभावना है, जिसे देखते हुए विभिन्न क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। साथ ही, कई श्रद्धालु अब ऑनलाईन माध्यमों से भी पूजा सामग्री और फलाहार की व्यवस्था कर रहे हैं।

नवरात्रि के पावन दिनों में व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के मन में सबसे बड़ा संशय खान-पान को लेकर रहता है कि उपवास के दौरान किन चीजों का सेवन किया जाना चाहिए और किन चीजों से सख्त परहेज किया जायेगा। धार्मिक मान्यताओं और पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, नवरात्रि का सात्विक आहार शरीर को ऊर्जावान बनाए रखने के साथ-साथ प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स भी करता है। उपवास के दौरान आहार से जुड़े प्रमुख नियम निम्नलिखित हैं:

नवरात्रि व्रत में क्या खायें? (अनुमति प्राप्त सात्विक आहार) :

  • अनाज और आटा : व्रत के दौरान नियमित अनाजों का पूर्ण त्याग किया जाता है। इनके स्थान पर कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, राजगिरा (चौलाई) का आटा, साबूदाना और समा के चावल का उपयोग किया जायेगा। इनसे बनी पूड़ी, परांठे, खिचड़ी या खीर ऊर्जा बनाए रखने में सहायक होती हैं।
  • सब्जियां : फलाहार में आलू, अरबी, रतालू, कद्दू, लौकी, खीरा, गाजर और शकरकंद का सेवन स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है। इसके अलावा स्वाद और पाचन के लिए टमाटर और अदरक का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
  • डेयरी उत्पाद : शरीर में स्टैमिना और पोषण का स्तर बनाए रखने के लिए दूध, ताजा दही, पनीर, मावा, छाछ, लस्सी, मक्खन और शुद्ध देसी घी को प्राथमिकता दी जायेगी।
  • ताजे फल और मेवे : सेब, केला, अनार, पपीता, संतरा और मौसमी जैसे ताजे फलों का सेवन डिहाइड्रेशन से बचाता है। साथ ही बादाम, काजू, मखाना, किशमिश, अखरोट और मूंगफली का सेवन कमजोरी दूर करने के लिए आवश्यक है।
  • मसाले और नमक : उपवास में साधारण नमक की जगह केवल शुद्ध सेंधा नमक का ही इस्तेमाल किया जायेगा। मसालों में जीरा, ताजी कुटी काली मिर्च पाउडर, हरी मिर्च, हरा धनिया और छोटी इलायची का मर्यादित प्रयोग किया जा सकता है।

नवरात्रि व्रत में क्या न खायें? (वर्जित खाद्य सामग्री) :

  • अनाज और दालें: गेहूं, सामान्य चावल, बेसन, सूजी, मैदा, जई (ओट्स) और सभी प्रकार की दालों (चना, उड़द, मूंग, मसूर, तुअर आदि) का सेवन उपवास में पूरी तरह वर्जित रहेगा।
  • तामसिक भोजन (प्याज और लहसुन): नवरात्रि के दौरान प्याज और लहसुन को तामसिक भोजन की श्रेणी में रखा जाता है, इसलिए घर के भोजन में भी इनके इस्तेमाल से इंकार किया गया है।
  • सामान्य नमक और तीखे मसाले: साधारण समुद्री नमक, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला, धनिया पाउडर, हींग, मेथी दाना और राई का प्रयोग फलाहार में नहीं किया जायेगा।
  • मांसाहार और मदिरा: मांस, मछली, अंडा, शराब अथवा किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन धार्मिक मर्यादाओं के विरुद्ध है। नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध प्रशासन द्वारा सख्त कार्यवाही भी अमल में लाई जा सकती है।
  • प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड: बाजार में मिलने वाले डिब्बाबंद जूस, पैकेटबंद नमकीन, प्रोसेस्ड स्नैक्स और टेबल सॉस/केचप से पूरी तरह परहेज किया जायेगा, क्योंकि इनमें प्रिजर्वेटिव्स और साधारण नमक की मिलावट होती है।

स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां :

उपवास के दौरान लंबे समय तक भूखे रहने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी, नारियल पानी व नींबू पानी का सेवन करते रहें। तले-भुने खाद्य पदार्थों के अत्यधिक सेवन से पाचन तंत्र पर असर पड़ सकता है, इसलिए संतुलित मात्रा में ही फलाहार ग्रहण करें। गंभीर बीमारियों से ग्रस्त व्यक्ति या नियमित दवा लेने वाले श्रद्धालु उपवास रखने से पूर्व चिकित्सीय परामर्श अवश्य लें। स्वास्थ्य संबंधी प्रतिकूल लक्षण दिखने पर उपवास के कड़े नियमों में ढील देने से इंकार न करें।