राजनांदगांव : संस्कारधानी राजनांदगांव के बसंतपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत दांपत्य कलह की एक बेहद खौफनाक और रूह कंपा देने वाली परिणति सामने आई है, जहां वैवाहिक विवाद और रोज-रोज के झगड़ों से छुटकारा पाने के लिये एक पति ने अपनी ही जीवनसंगिनी को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। पारिवारिक विवादों और गृहक्लेश से तंग आकर पति ने अत्यंत सुनियोजित षड्यंत्र के तहत पत्नी को नदी में डुबोकर मार डाला। पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड के आरोपी मयूर मेश्राम उर्फ रिंकु को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मुकद्दमा दर्ज किया गया है। न्यायालय में पेश करने के बाद जेल वारंट जारी होने पर आरोपी को जिला जेल राजनांदगांव दाखिल करा दिया गया है।
सैर-सपाटे के बहाने नदी किनारे ले जाकर रची खौफनाक साजिश :
पुलिस अनुसंधान और दर्ज बयानों के अनुसार, आरोपी मयूर मेश्राम उर्फ रिंकु अपनी पत्नी नीलम के साथ आए दिन होने वाले घरेलू विवादों, तकरार और छोटी-बड़ी बातों को लेकर चलने वाली अनबन से बुरी तरह परेशान था। इसी मानसिक तनाव और कलह को हमेशा के लिये खत्म करने के इरादे से उसने एक घातक योजना तैयार की। 21 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 7 बजे, आरोपी अपनी पत्नी नीलम को मन बहलाने और घूमने-फिरने की बात कहकर घर से मोहारा नदी के छोटा पुलिया क्षेत्र की ओर ले गया।
एकांत पाकर दोनों के बीच वहां बातचीत शुरू हुई, जो कुछ ही देर में फिर से तीखी बहस और विवाद में तब्दील हो गई। विवाद चरम पर पहुंचते ही आरोपी ने अपनी पत्नी को नदी की गहरी धारा में जोरदार धक्का दे दिया। पुलिस पड़ताल में यह तथ्य प्रमुखता से उजागर हुआ है कि आरोपी इस बात से भली-भांति वाकिफ था कि उसकी पत्नी नीलम को तैरना नहीं आता है। इसके बावजूद उसने उसे गहरे जलप्रवाह में धकेल दिया और उसे डूबते हुए देखकर भी बचाने का कोई प्रयास नहीं किया, जिससे पानी में दम घुटने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
साले के सामने जुर्म का इकबाल, परिजनों की शिकायत पर मुकद्दमा दर्ज :
वारदात को अंजाम देकर मौके से भागने के बाद आरोपी ने खुद अपने साले से संपर्क किया और उसे पूरी दास्तान बयां करते हुए स्वीकार किया कि उसने पत्नी के रोज-रोज के झगड़ों से आजिज आकर उसे मोहारा नदी में धकेल दिया है। अपनी बहन की अकाल और दर्दनाक मौत की खबर सुनते ही मायके पक्ष के पैरों तले जमीन खिसक गई। परिजनों ने अविलंब इस क्रूर घटना की सूचना बसंतपुर थाना पुलिस को दी।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बसंतपुर थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अपराध क्रमांक 501/2026 पंजीबद्ध किया और भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के अंतर्गत कानूनी कार्यवाही शुरू की। उच्चाधिकारियों को तत्काल मामले की गंभीरता से अवगत कराया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में पुलिस की त्वरित घेराबंदी :
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के कुशल मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर एवं नगर पुलिस अधीक्षक एसपी तिवारी के प्रत्यक्ष दिशा-निर्देशन में विशेष जांच दल गठित किया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक कौशलेश देवांगन के नेतृत्व में पुलिस बल और मुखबीर तंत्र को सक्रिय किया गया।
संदिग्ध के संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ-साथ तकनीकी साक्ष्यों और मोबाईल लोकेशन का सहारा लिया गया। पुलिस टीम ने 22 अक्टूबर को रणनीतिक घेराबंदी करते हुए आरोपी मयूर मेश्राम उर्फ रिंकु को उस समय धर दबोचा, जब वह क्षेत्र छोड़कर भागने की फिराक में था।
पूछताछ में टूटा आरोपी, जुर्म स्वीकारने के बाद भेजा गया जेल :
थाने लाकर जब आरोपी से कड़ी पूछताछ की गई, तो पहले उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, किंतु साक्ष्यों के सामने आते ही वह टूट गया और उसने अपना जुर्म पूरी तरह स्वीकार कर लिया। आरोपी ने विस्तार से बताया कि किस तरह उसने वैवाहिक कलह से निजात पाने के लिये सुनियोजित तरीके से पत्नी को पानी में धक्का दिया था।
पुलिस ने आवश्यक कानूनी दस्तावेजीकरण और साक्ष्य संकलन पूरा करने के उपरांत आरोपी को सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय द्वारा विधिवत जेल वारंट जारी किए जाने के बाद आरोपी मयूर मेश्राम को जिला जेल राजनांदगांव भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में अभियोजन पक्ष को मजबूत बनाने के लिये वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को मुकद्दमे की केस डायरी में पूरी मजबूती से शामिल किया जा रहा है, ताकि पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलाया जा सके।



