कानपुर (उ.प्र.) : जिले के लाजपत भवन लॉन में त्यौहारी माहौल के बीच आयोजित डांडिया उत्सव में अनुबंध के कथित उल्लंघन और समय से पहले मंच छोड़ने को लेकर विवाद गहरा गया है। आयोजकों ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अंजलि अरोड़ा पर पेशेवर प्रतिबद्धताओं को दरकिनार करने का आरोप लगाते हुए विधिक कार्यवाही शुरू कर दी है।
45 मिनट के अनुबंध पर महज 12 मिनट की प्रस्तुति, आयोजकों का वित्तीय नुकसान का दावा :
स्वरूप नगर क्षेत्र स्थित लाजपत भवन लॉन में 15 अक्टूबर को ‘नगाड़ा नाइट्स’ डांडिया कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस भव्य आयोजन का संयोजन ‘शोर बैंड’ के संचालक अमन निगम, डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञ आशीष कुमार और इवेंट प्लानर अनुभव राज द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था। आयोजकों के वरिष्ठ अधिवक्ता करीम अहमद सिद्दीकी के अनुसार, अंजलि अरोड़ा की मैनेजर प्रीति दुबे के साथ 45 मिनट के मंच प्रदर्शन के लिये 3 लाख रुपये के मानदेय पर औपचारिक सहमति बनी थी।
आयोजन समिति का कहना है कि उन्होंने विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से कुल 2.75 लाख रुपये की राशि ऑनलाईन ट्रांसफर कर दी थी। इसके अतिरिक्त अंजलि और उनकी प्रबंधन टीम के चार सदस्यों सहित पाँच लोगों के हवाई यात्रा टिकट, फाइव-स्टार होटल में ठहरने और खान-पान का पूरा व्यय भी आयोजकों द्वारा ही वहन किया गया था। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अंजलि की प्रस्तुति रात 9:00 बजे से 9:45 बजे के मध्य होनी थी, परंतु वह लगभग 9:45 बजे मंच पर पहुंचीं और मात्र 12 मिनट तक प्रस्तुति देने के बाद प्रबंधन टीम से विवाद कर कार्यक्रम को बीच में ही छोड़कर चली गईं।
एयरपोर्ट पर मानदेय को लेकर तकरार, शेष रकम मिलने तक बाहर आने से किया था इंकार :
आयोजन समिति ने आरोप लगाया है कि विवाद की शुरुआत कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से पहले ही हो गई थी। 15 अक्टूबर की शाम करीब 4:00 बजे जब अंजलि अरोड़ा कानपुर एयरपोर्ट पर उतरीं, तो उन्होंने मानदेय के बाकी 75 हजार रुपये तत्काल न मिलने तक एयरपोर्ट परिसर से बाहर कदम रखने से साफ इंकार कर दिया था। आयोजकों के अनुसार, एयरपोर्ट पर काफी देर तक मान-मनौव्वल का दौर चला और जब तक शेष धनराशि का भुगतान सुनिश्चित नहीं कराया गया, तब तक वह अपनी टीम सहित वहीं बैठी रहीं। पूर्ण भुगतान होने के उपरांत ही वह होटल के लिये रवाना हुईं।
प्रायोजकों की नाराजगी से 20 लाख का घाटा, 1.20 करोड़ रुपये के हर्जाने का विधिक नोटिस :
मंच पर प्रस्तुति के अचानक समाप्त होने से कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह और वाणिज्यिक प्रायोजकों में भारी नाराजगी फैल गई। आयोजकों का दावा है कि कार्यक्रम के बीच में ही बाधित होने के चलते प्रमुख प्रायोजकों ने अनुबंध की शर्तों के तहत भुगतान रोक दिया, जिससे आयोजकों को सीधे तौर पर लगभग 20 लाख रुपये का वित्तीय नुकसान झेलना पड़ा।
इस व्यावसायिक क्षति और प्रतिष्ठा के हनन की भरपाई के लिये अधिवक्ता करीम अहमद सिद्दीकी के माध्यम से अंजलि अरोड़ा को 1.20 करोड़ रुपये का कानूनी नोटिस प्रेषित किया गया है। इस नोटिस में 20 लाख रुपये प्रत्यक्ष आर्थिक क्षति के रूप में तथा 1 करोड़ रुपये व्यावसायिक साख, सामाजिक छवि और मानसिक उत्पीड़न के हर्जाने के तौर पर मांगे गये हैं। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि संतोषजनक समाधान नहीं निकाला गया तो प्रकरण को दीवानी व फौजदारी अदालत में ले जाया जायेगा।
स्वरूप नगर थाने में मुकद्दमा दर्ज कराने की तहरीर, कमिश्नर तक पहुंचेगी शिकायत :
आयोजन समिति ने इस समूचे घटनाक्रम को सुनियोजित धोखाधड़ी और संविदा भंग का मामला बताते हुए कानपुर के स्वरूप नगर थाने में लिखित तहरीर देकर मुकद्दमा दर्ज करने की मांग की है। आयोजकों का कहना है कि पुलिस प्रशासन को इस मामले में त्वरित संज्ञान लेकर दंडात्मक कार्यवाही करनी चाहिये।
वरिष्ठ अधिवक्ता ने स्पष्ट किया है कि यदि स्थानीय पुलिस द्वारा मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं की जायेगी, तो वे न्याय की गुहार लेकर कानपुर पुलिस कमिश्नर सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष जायेंगे। इसके साथ ही आयोजकों ने अंजलि अरोड़ा से यह मांग भी रखी है कि वे कानपुर की जनता की भावनाओं को आहत करने के लिये सार्वजनिक मंच से बिना शर्त माफी मांगें।
‘कच्चा बादाम’ गाने पर उपजा विवाद बनाम निजता और सुरक्षा में सेंध की दलीलें :
कार्यक्रम आयोजक अमन निगम ने अंजलि अरोड़ा द्वारा बाद में लगाये गये आरोपों को सिरे से खारिज किया है। अमन का दावा है कि मंच पर प्रस्तुति के दौरान जब बैकग्राउंड में ‘कच्चा बादाम’ गाना बजा, तो अंजलि अचानक असहज होकर आक्रोशित हो उठीं। गौरतलब है कि इसी गीत पर वीडियो बनाकर अंजलि को सोशल मीडिया और ऑनलाईन वीडियो प्लेटफॉर्म्स पर व्यापक ख्याति मिली थी। अमन का आरोप है कि गीत बजने पर अंजलि ने मंच से ही कड़ी आपत्ति दर्ज कराई, उपस्थित दर्शकों के समक्ष तीखी प्रतिक्रिया दी और आयोजन दल के सदस्यों को भी भला-बुरा कहा। आयोजकों का तर्क है कि यदि उन्हें किसी विशिष्ट गीत या प्रस्तुति व्यवस्था से असुविधा थी, तो उन्हें अनुबंध से पूर्व ही दिशा-निर्देश स्पष्ट कर देने चाहिये थे।
इसके विपरीत, अंजलि अरोड़ा ने 19 अक्टूबर को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर तीन वीडियो साझा कर अपना पक्ष प्रस्तुत किया। अंजलि ने स्पष्ट किया कि उन्हें ‘कच्चा बादाम’ गीत से कभी कोई शिकायत नहीं रही, क्योंकि उसी रचना ने उन्हें देशव्यापी पहचान दिलाई है। अंजलि का मुख्य आरोप आयोजकों की लचर सुरक्षा व्यवस्था और उनकी व्यक्तिगत निजता के हनन को लेकर था। उन्होंने कहा कि होटल के कमरे की घंटी अनधिकृत लोगों द्वारा बार-बार बजाई जा रही थी और कई लोग जबरन तस्वीरें व सेल्फी लेने के लिये उनके निजी कक्ष तक पहुंच रहे थे, जिससे वे असुरक्षित महसूस कर रही थीं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि उनका असंतोष कानपुर के आम नागरिकों से नहीं, बल्कि आयोजकों के गैर-पेशेवर रवैये से था।
सुरक्षा घेरे पर आयोजकों की सफाई : महिला बाउंसर सहित पुख्ता बंदोबस्त का दावा
अंजलि के सुरक्षा संबंधी दावों का उत्तर देते हुए आयोजक आशीष गुप्ता ने सुरक्षा व्यवस्था का पूरा विवरण प्रस्तुत किया। आशीष के अनुसार, अंजलि की व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये उत्तर प्रदेश की गोल्ड मेडलिस्ट महिला बाउंसर को विशेष रूप से तैनात किया गया था। इसके अतिरिक्त दो पुरुष बाउंसर और अंजलि की अपनी निजी टीम के सदस्य निरंतर उनके सुरक्षा घेरे में मौजूद थे।
आशीष ने यह भी स्पष्ट किया कि एयरपोर्ट से होटल लाते समय वाहन में केवल कार स्वामी उपस्थित था, जबकि कार्यक्रम के पश्चात वापसी के दौरान वाहन में अंजलि के साथ केवल उनकी मैनेजर ही मौजूद थीं। आयोजकों का कहना है कि सुरक्षा में चूक का तर्क केवल अनुबंध के उल्लंघन और समय से पूर्व मंच छोड़ने की विफलता पर पर्दा डालने के लिये गढ़ा गया है। फिलहाल दोनों पक्षों के मध्य विवाद कानूनी रूप ले चुका है और पुलिस की आगामी विधिक कार्यवाही पर सभी पक्षों की दृष्टि टिकी हुई है।



