बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर बेच रही थी प्रतिबंधित सिरप 200 बोतल के साथ लड़की सहित चार लोग गिरफ्तार।

बिलासपुर : नशे को लेकर छत्तीसगढ़ पुलिस लगातार कार्यवाही कर रही है, पुलिस ने नशे का सामान बेचने वाली युवती के साथ चार आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। युवती अपने ब्वॉय फ्रेंड के साथ मिलकर नशीला कफ सिरप बेच रही थी। वह सक्ती जिले के तस्करों से अवैध रूप से कफ सिरप मंगाकर शहर में खपाती थी। आरोपियों के पास से करीब 200 शीशी कफ सिरप बरामद किया गया है। कफ सिरप में नशा होता है, जिसका ज्यादा सेवन व्यक्ति को नुकसान पहुंचाता है, यह मामला तोरवा थाना क्षेत्र का है।

टीआई कमला पुसाम ने बताया कि एसपी संतोष कुमार सिंह ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अभियान चलाकर जांच करने के साथ ही निजात अभियान के तहत अवैध रूप से नशे का सामान बेचने वालों के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। जांच के दौरान पुलिस को खबर मिली कि हेमूनगर की एक महिला स्नेहा गोयल नशे का सामान बेचती है। जिसकी जानकारी जुटाकर पुलिस ने उसे पकड़ने की योजना बनाई। जहाँ महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

ब्वॉय फ्रेंड के साथ बेचने निकली थी नशे का सामान :

युवती की जानकारी जुटाने के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ने की योजना बनाई थी। इस बीच पुलिस ने युवती को तोरवा निवासी उसके ब्वॉय फ्रेंड देवा रजक पिता धरम लाल रजक (28) के साथ पकड़ लिया। इस दौरान उनके पास से कुछ मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप मिले। फिर उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

महिला सक्ती जिले से मंगाती है कफ सिरप :

पुलिस की पूछताछ में आरोपी युवती ने बताया कि वह सक्ती जिले से प्रतिबंधित कफ सिरप मंगाती है। यह जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने झांसा देकर तस्करों को कफ सिरप लेकर बुलाने के लिए कहा। जिसके बाद बुधवार की शाम सक्ती जिले के तीन युवक कफ सिरप लेकर स्नेहा गोयल के पास लेकर पहुंचे, जिन्हें पुलिस ने पकड़ लिया। उनके पास से करीब 200 शीशी कोप फ्री और मेक्सकफ कफ सिरप बरामद किया गया। पकड़े गए आरोपियों में सक्ती जिले के नगरदा निवासी पुष्पेन्द्र निर्मलकर पिता ओमप्रकाश निर्मलकर (27), सक्ती के ही नगरदा के जर्वे निवासी अमर जांगडे पिता संतोष जांगडे (24) शामिल हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया है। जहाँ से सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

तस्करों से राज नहीं उगलवा सकी पुलिस

सक्ती जिले के गांव में रहने वाले तस्करों के पास इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप कैसे पहुंचा। उसके पीछे और कौन है, जो यह सब अवैध कारोबार संचालित करता है। जाहिर सी बात है कि इसमें कोई मेडिकल फिल्ड से जुड़ा हुआ होगा। लेकिन, पुलिस पकड़े गए आरोपियों से इसकी जानकारी नहीं जुटा पाई। जिसके चलते तस्करों के सरगना का पता नहीं चल सका है। इसको लेकर पुलिस अपनी कार्यवाही करेगी, अभी सब आरोपी पुलिस गिरफ्त में है।