लखनऊ (उ.प्र.) : सिंधी समाज की ओर से ‘राष्ट्रीय सिंधी अधिवेशन’ कार्यक्रम का आयोजन लखनऊ हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान के सिंध प्रांत को लेकर बड़ा दावा कर दिया है. फिलहाल ‘राष्ट्रीय सिंधी अधिवेशन’ कार्यक्रम को लेकर सीएम योगी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर राष्ट्र के गौरव को बढ़ाने में अपना योगदान देने के लिए सिंधी समाज के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दी है।
वहीं आयोजित ‘राष्ट्रीय सिंधी अधिवेशन’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “सिंधी समाज ने सनातन धर्म के मूल्यों की रक्षा करने, भारत की राष्ट्रीयता को मज़बूती प्रदान करने और अपने व्यवसाय में भी शून्य से शिखर तक की यात्रा को आगे बढ़ाने का कार्य किया है।” उन्होंने आगे कहा कि ‘500 साल में राम जन्मभूमि वापस ली जा सकती है, तो कोई कारण नहीं कि हम सिंध वापस न ले सकें।’ उनके इस बयान को लेकर पाकिस्तान में बवाल हो गया है, वहीँ सिन्धी समाज इस बयान से खुश नजर आ रहा है।
सिंधी समाज ने सहा मातृभूमि को छोड़ने का दर्द :
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘सिर्फ एक व्यक्ति की जिद की वजह से देश को विभाजन की त्रासदी से गुजरना पड़ा। देश के बंटवारे की वजह से लाखों लोगों का कत्लेआम हुआ। भारत का एक बड़ा भू भाग पाकिस्तान के रूप में चला जाता है।’ सीएम योगी का कहना है कि सिंधी समाज ने उस दर्द को सबसे ज्यादा सहा है, उन्हें अपने मातृभूमि को छोड़ना पड़ा। पंजाब और बंगाल तो बच गया लेकिन सिंध पूरा चला गया।
अखंड भारत का हिस्सा सिंधी समाज :
उन्होंने ‘राष्ट्रीय सिंधी अधिवेशन’ कार्यक्रम के दौरान कहा कि ‘छोड़ी हुई भूमि हर एक को प्यारी होती है। हम सब की जिम्मेदारी बनती है कि समाज के साथ-साथ राष्ट्र को भी मजबूती प्रदान करें, ताकि 1947 जैसी स्थिति दुबारा न हो पाए, हमें इस बात को ध्यान रखना होगा कि देश है, तो धर्म है. सिंधी समाज अखंड भारत का हिस्सा है।’