नकली नोट कांड में जोमैटो का डिलीवरी ब्वाय गिरफ्तार, लाखों के जाली नोट खपाये उज्जैन के बाजार में।

इंदौर (म.प्र.) जाली नोट मामले में पुलिस ने फूड सप्लाई कंपनी जोमैटो के डिलीवरी ब्वाय हिमांशु कौशल को गिरफ्तार किया है। आरोपी लाखों रुपये के जाली नोट उज्जैन व आसपास चला चुका है। 500 के 15 जाली नोट पुलिस ने बरामद किए हैं। साथियों की गिरफ्तारी के बाद उसने काफी नोट जला दिए थे। तीन साथियों की तलाश है जो हिमांशु से सस्ते दामों पर जाली नोट खरीदकर रुपये कमा रहे थे। नोटों का ये धंधा पुलिस की पकड़ में आ गया।

एडिशनल डीसीपी जोन-4 अभिनय विश्वकर्मा के मुताबिक, अन्नपूर्णा पुलिस ने पिछले दिनों गणेश चौहान, विक्रम नरेश, प्रेयस स्वामी, राजेश बारबड़े और प्रवीण सिंह को जाली नोट के साथ गिरफ्तार किया था। गिरोह के सरगना राजेश ने पूछताछ में बताया कि वह एक लाख रुपये के असली नोट लेकर पांच लाख के जाली नोट देता था। उसने हिमांशु पुत्र राजेश कौशल निवासी गो धाम कालोनी (उज्जैन) का नाम बताया, जो करीब एक साल से राजेश के संपर्क में था।

सरगना और डिलीवरी ब्वाय ऑनलाईन करते थे लेन-देन :

गुरुवार को पुलिस ने हिमांशु को गिरफ्तार कर लिया। वह फूड सप्लाई कंपनी जोमैटो में डिलीवरी ब्वाय है। वह राजेश से दो हजार के 100, पांच सौ के 400 और 100 के 30 हजार जाली नोट ले चुका है। हिमांशु और राजेश के बीच रुपयों का लेनदेन ऑनलाईन होता था, जिसका पुलिस को रिकार्ड मिला है। इस रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस कार्यवाही करेगी।

उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में स्थापित कर लिया नेटवर्क :

एडिशनल सीपी के मुताबिक, हिमांशु ने बताया कि उसने उज्जैन में स्वयं का नेटवर्क स्थापित कर लिया था, जो नकली नोट सप्लाई करने लगे थे। उसने अन्य तीन युवकों के नाम भी बताये हैं। पुलिस के मुताबिक, हिमांशु गिरोह का अहम सदस्य है। राजेश से उसके पुराने रिश्ते है। राजेश ने नकली नोट छापने की शुरुआत में स्कैनर व प्रिंटर खरीदे तो हिमांशु ने ही उसे आर्थिक मदद की थी।

सरगना पर देवास और भोपाल में दर्ज है धोखाधड़ी का केस :

एडिशनल सीपी के मुताबिक, राजेश शातिर अपराधी है। उसने स्वयं को मृत घोषित कर अशोक चौहान के नाम से पहचान स्थापित कर ली थी। स्वयं का मृत्यु प्रमाण पत्र भी बनवा लिया था। एनएएसआइएफ की मदद से उसके आपराधिक रिकार्ड की जांच की तो पता चला कि देवास, भोपाल में धोखाधड़ी के अलावा मुंबई में वाहन चोरी का केस दर्ज है। उपरोक्त केसों में जमानत पर बाहर बताया जा रहा है।