रायपुर : छत्तीसगढ़ में महादेव ऐप मामले में एक नया मोड़ आ गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तरफ से शुक्रवार को एक प्रेस रिलीज जारी की गई है। इसमें दावा किया गया है कि महादेव ऐप मामले में गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को महादेव ऐप के प्रमोटर्स ने लगभग 508 करोड़ रुपए दिए हैं। वहीं ईडी ने यह भी लिखा है कि अब इस बयान की आगे जांच की जाएगी। महादेव ऐप में छापेमारी राज्य सरकार ने शुरू करवाई थी बाद में महादेव ऐप के नेटवर्क का खुलासा दाऊद और पाकिस्तान कनेक्शन से निकला तो इसमें ED को लगाया गया, उस समय की कार्यवाही में भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों के लोगों का शामिल होना सामने आया था।
सीएम के सलाहकार के यहां भी मारा था छापा :
इससे पहले ईडी ने मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा के यहां 23 अगस्त 2023 को छापा मारा था। यहां से कुछ दस्तावेज भी जब्त किए गए थे। ईडी ने उन्हें पूछताछ के लिए भी बुलाया था। इस मामले की अभी तक कोई खबर सामने नहीं आई है।
संयुक्त अरब अमीरात से चुनाव में खर्च करने के लिए भेजी गई थी रकम :
ईडी के अधिवक्ता सौरभ पांडेय ने नईदुनिया को बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने गुरुवार को रायपुर के तेलीबांधा स्थित एक होटल के सामने एक कूरियर के एसयूवी वाहन से लगभग 3.12 करोड़ रुपये जब्त किया था। ईडी को आशंका है कि यह राशि संयुक्त अरब अमीरात से चुनाव में खर्च करने के लिए भेजी गई थी।हिरासत में लिए गए कूरियर कर्मी की निशानदेही पर भिलाई में रायगढ़ के एक कारोबारी के कार ड्राइवर आसिम दास उर्फ बप्पा के हाउसिंग बोर्ड जामुल के ब्लाक-15, क्वार्टर नंबर-17 निवास पहुंची। इससे पहले आसिम फरार हो चुका था।
आरक्षक तीन बार दुबई गया :
ईडी ने प्रेस रिलीज में दावा किया है कि गिरफ्तार किया गया आरक्षक भीम सिंह यादव तीन बार दुबई गया था। इस दौरान सट्टा किंग सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल सहित अन्य लोगों से मुलाकात की। कल ही भिलाई हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहने वाले एक कार चालक असीम दास के घर पर प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी छापेमारी में ढाई करोड़ रुपए जब्त किए गए। वहीं असीम दास को विशेष रूप से बड़ी मात्रा में नकदी पहुंचाने के लिए संयुक्त अरब अमीरात भेजा गया था। बता दें कि महादेव ऐप प्रकरण में 4 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। वहीं प्रकरण की जांच करने के बाद अब तक 450 करोड़ रुपए की अघोषित आय उजागर की गई है।
सीएम भूपेश ने बताया मजाक :
इधर ईडी के आरोपों पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा, इससे बड़ा मजाक क्या हो सकता है। किसी पर दबाव डालकर या मारपीटकर किसी के खिलाफ बयान दिलवाना और उसकी इज्जत उछालना बड़ा आसान काम है। अगर किसी से बयान दिलवा दें कि प्रधानमंत्री ने रिश्वत ली है, तो क्या उनसे पूछताछ करेंगे? इस मामले में सीएम ने अपना एक लिखित बयान भी जारी किया है। इसमें कहा है, जैसा कि मैंने पहले कहा है कि भारतीय जनता पार्टी ईडी, आईटी, डीआरआई और सीबीआई जैसी एजेंसियों के सहारे छत्तीसगढ़ का चुनाव लडऩा चाहती है। चुनाव के ठीक पहले ईडी ने मेरी छवि धूमिल करने का सबसे कुत्सित प्रयास किया है। यह ईडी के माध्यम से कांग्रेस की लोकप्रिय सरकार को बदनाम करने का राजनीतिक प्रयास किया जा रहा है।
वहीँ इस मामले को लेकर जहाँ रमन सिंह ने सीएम भूपेश पर कटाक्ष किया है, वहीँ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने इस्तीफा माँगा है।