सुब्रत राय सहारा के निधन के बाद गांव के छोटे निवेशकों का क्या होगा? पैसा डूब जायेगा या मिल पायेगा?

नई दिल्ली : सहारा ग्रूप में कई लोगों के डूबे हुये है, जो सरकार के प्रयास से लोगों को मिल रहे है, अब खबर है कि सहारा इंडिया समूह के प्रमुख सुब्रत राय का मंगलवार को निधन हो गया है। 75 साल की उम्र में उन्होंने मुंबई में आखिरी सांस ली। वह पिछले काफी दिनों से गंभीर बीमारी से ग्रसित थे और मुंबई के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। वह देश में लोगों के बीच सहारा श्री के नाम से प्रसिद्ध थे। उनकी गिनती भारत के एक बड़े कारोबारी के तौर पर होती थी। सुब्रत रॉय ने सहारा इंडिया परिवार की स्थापना की थी, उनके इस प्रयास से जहाँ आम मध्यमवर्गीय परिवारों को जहाँ रोज की छोटी – छोटी बचत से मजबूती मिली वहीँ अब काफी समय से कई लोगों की रकम फंस गई है। सुब्रत राय सहारा के निधन के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि अब खासकर गांव में रहने वाले छोटे निवेशकों का क्या होगा, क्या उनका पैसा वापस मिल सकेगा?

सहारा रिफंड पोर्टल लांच :

देशभर के लाखों निवेशकों का पैसा सहारा इंडिया में फंसा हुआ था। सहारा में निवेश के मैच्योरिटी पूरी होने के बाद भी लोगों का पैसा वापस नहीं मिल रहा था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद निवेशकों में आस जगी थी। इसी साल जुलाई में केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह ने फैसला लेते हुए सहारा रिफंड पोर्टल लांच किया था। इसके बाद करीब 10 करोड़ निवेशकों को बड़ी खुशखबरी मिली थी। इसके तहत उन निवेशकों का पैसा वापस मिलता था। जिनकी मैच्योरिटी पूरी हो चुकी थी। अब सुब्रत सहारा के निधन के बाद पैसा वापसी को लेकर निवेशक संदेह में है वहीँ इसका समाधान उन्हें परेशान कर रहा है।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश :

इससे पहले सहारा के निवेशकों को लेकर सहकारिता मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर की थी और कोर्ट ने 5,000 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने का आदेश दिया था। सहारा में निवेश करने वाले अधिकतर लोग छोटे निवेशक हैं मध्यमवर्गीय परिवार से आते है, जिन्होंने अपनी जमापूंजी सहारा इंडिया में जमा की थी। इन निवेशकों में सबसे अधिक बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से हैं। केंद्रीय सहकारिता मंत्री के द्वारा लांच किए गए पोर्टल में शुरुआती चरण में 10 हजार रुपये तक का दावा कर सकते हैं। ऐसे करीब 4 करोड़ निवेशक हैं, जो 10 हजार रुपये तक पाने के पात्र हैं।

छोटे निवेशकों के पैसे वापस :

केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के पहल के बाद अगस्त से सहारा इंडिया की 4 सहकारी समितियों में जमा छोटे निवेशक करोड़ों रुपये की जमापूंजी लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। इस दौरान 112 छोटे निवेशकों के खाते में 10 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए। इस दौरान अमित शाह ने कहा था कि अब तक 18 लाख निवेशकों ने ‘सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल’ पर रजिस्ट्रेशन कराया है और 112 निवेशकों के बैंक खाते में करीब 10 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए गए हैं। ऑडिट पूरा होने के बाद अगली किस्त भी जल्द ही हस्तांतरित कर दी जाएगी और आने वाले दिनों में सभी निवेशकों का पैसा वापस मिलेगा। सरकार की जिम्मेदारी है कि निवेशकों का पैसा वापस मिले, जिसके लिये सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

हालांकि, अब जब सहारा श्री का निधन हो गया है तो छोटे निवेशकों को यह चिंता सताने लगी है कि क्या पोर्टल में रजिस्ट्रेशन के बाद उनको पैसा वापस मिल सकेगा। इस बात को लेकर अभी तक सरकार द्वारा कोई भी स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।