रायपुर : राजधानी में व्यापारी निर्भीक होकर अपना व्यापार नहीं कर पा रहा है, लगातार व्यापारियों और राजधानी वासियों के साथ घटनायें हो रही है, इसका कारण शहर की गलियों में बिकता नशा और नशे में धुत्त बदमाश लगातार चाकूबाजी की घटनाओं को अंजाम दे रहे है। मात्र 10/- को लेकर ही बदमाश घटनाओं को अंजाम दे देते है, ये बदमाश अधिकतर ऑटो चलाने का ही काम करते है, उन्हें दिनभर में मात्र नशे जितना ही पैसा चाहिये होता है, आम लोगों में इन नशेबाजों का काफी भय व्याप्त हो गया है, इसलिये रात के समय बाहर से आने वाले यात्री ऑटो में बैठने से भी घबराते है, इनसे अगर आपकी बहस हो गई तो ये आपके साथ बदसुलूकी पर उतर आयेंगे और अगर आप इन पर हावी होने लगे तो इन नशे बाजों की जेब में चाकू भी रखा होता है। इन नशेबाजों से पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार जब्त किये है, उसके बाद ये बदमाश फिर एक नया हथियार ले लेते है।
बदमाशों ने यात्री अब नया बस स्टैंड भाटागांव में चाकू दिखाकर यात्री को लूटा :
नया बसस्टैंड बनने के बाद से ही यहाँ गुंडागर्दी शुरू हो गई है। बदमाश अब यात्रियों को चाकू दिखाकर लूटपाट करने लगे हैं। एक यात्री को चाकू दिखाकर लूट लिया गया। बाद में पुलिस ने दोनों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक काशीराम नगर निवासी नामदेव भारती मंगलवार की शाम करीब 5 बजे नया बसस्टैंड के गेट नंबर-3 के सामने खड़े थे। वे घर आने के लिए सवारी ऑटो का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान बदमाश पहुंचे और उनसे पैसों की मांग करते हुए उन पर चाकू अड़ा दिया। इससे नामदेव घबरा गए। इसके बाद बदमाश उनसे 1800 रुपए लूटकर भाग निकले। पीड़ित ने मामले की शिकायत टिकरापारा थाने में की। पुलिस ने लूट का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने लूटपाट करने वाले राघव चौधरी और प्रथम पटले को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस लगातार बदमाशों – नशेड़ियों पर कार्यवाही कर रही है, लेकिन इससे बदमाशों को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।
एक अनुमान के अनुसार रायपुर की आबादी लगभग 25 लाख है, जहाँ दिनभर में वाहन टकराने, अवैध उगाही करने , चाय-पान के पैसे मांगने, बेतरतीब वाहन चलाने जैसी घटनाओं पर नशेड़ी लोगों से उलझ पड़ते है और जरा सी बात पर चाकू मारकर भाग जाते है, चाकू बाजी कुछ घटनायें ही थानों तक पहुँच पाती है, जबकि इस प्रकार की रोज की घटनायें लगभग 100 मानी जा सकती है। राजधानी के व्यस्त ट्राफिक में आये दिन लोगों के वाहन आपस में टकराते ही है।