बाराबंकी (उ.प्र.) : लगातार रेलवे की ख़राब व्यवस्था से यात्री परेशान चल रहे है, वहीँ यूपी के बाराबांकी ऐसा अजब मामला सामने आया है, जहाँ लोको पायलट यात्रियों से भरी ट्रेन को यूँही छोड़कर चला गया। सर्दियां शुरू होते ही भारत में रेलवे की व्यवस्था डगमगा जाती है। ट्रेनें कई घन्टे की देरी से चलती हैं।अधिकतर गाड़ियां रद्द कर दी जाती हैं। यात्री परेशान होते हैं, लेकिन कुछ कर भी नहीं सकते। इस साल भी यही क्रम शुरू हो गया है, लेकिन बुधवार को सहरसा से नई दिल्ली के बीच चलने वली सहरसा एक्सप्रेस में तो कुछ अलग ही कांड हो गया। यहाँ रेलवे ट्रैक पर लोको पायलट ट्रेन को यूँही छोड़कर चला गया।
ट्रेन को बीच में ही स्टेशन पर रोक दिया :
इस ट्रेन का ड्राईवर गाड़ी को एक स्टेशन पर ही खड़ी करके चला गया। यहां ट्रेन कई घंटे तक खड़ी रही। यात्रियों ने हंगामा शुरू कर दिया। वह स्टेशन मास्टर के पास पहुंचे, जहां उन्हें मालूम हुआ कि ड्राइवर की ड्यूटी का समय खत्म हो चुका है और वह ट्रेन को यहीं खड़ी करके चला गया है। इधर ट्रेन पटरी पर ही खड़ी थी तो उधर यात्री भूख-प्यास से परेशान थे। ड्राईवर के ऐसा करने से 4 घंटे तक ट्रेन देरी से चली।
अधिकारियों को मालूम पड़ा तो हड़कंप मच गया :
मामला जब रेलवे के उच्च अधिकारियों को मालूम पड़ा तो हड़कंप मच गया। ड्राईवर ट्रेन को बहराइच जिले के थाना रामनगर के बुढ़वल स्टेशन पर खड़ा करके चला गया। बताया जा रहा है कि यह ट्रेन बुढ़वल स्टेशन पर चार घंटे से ज्यादा तक खड़ी रही। इसके बाद जब यात्रियों ने हंगामा किया तो मौके पर भारी संख्या में आरपीएफ, जीआरपी और पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई और इमरजेंसी में दूसरे ड्राइवर को बुलाया गया उसके बाद ट्रेन को रवाना किया गया। प्रथम दृष्टया ड्राईवर की गैर जिम्मेदारी ही सामने नजर आती है।