रायपुर : जिन व्यापारियों ने समय पर रिटर्न नहीं भरा है या टैक्स चोरी की है, उन पर केन्द्रीय GST विभाग ने शिकंजा कसा है। टैक्स चोरी करने के साथ ही रिटर्न जमा नहीं करने वाले छत्तीसगढ़ के 8,000 से ज्यादा कारोबारियों को केंद्रीय जीएसटी विभाग ने नोटिस भेजा है। कारोबारियों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया लगातार जारी है। विभाग के इस अभियान में वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 के मामले हैं। नोटिस का जवाब नहीं देने पर इन कारोबारियों पर छापामार कार्यवाही भी जल्द की जा सकती है। पूरा डाटा ऑनलाईन होने के कारण के GST विभाग को तुरंत जानकारी मिल जाती है।
जीएसटी अधिकारियों का कहना है कि किसी भी टैक्स चोर को बख्शा नहीं जायेगा। जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2017-18 के मामलों को निपटाने के लिए 30 नवंबर तक का समय दिया गया था। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2018-2019 के मामलों को निपटाने दिसंबर 2023 तक का समय है और 2019-20 के मामलों को मार्च 2024 तक निपटाना है। विभागीय स्तर पर अभी इन मामलों की सुनवाई चल रही है।
सभी मामलों को सुलझाने ट्रिब्यूल कोर्ट का होगा गठन :
केंद्र सरकार ने जीएसटी से जुड़े मामलों को सुलझाने के लिए ट्रिब्यूनल कोर्ट गठित करने के लिए कहा है। ट्रिब्यूनल कोर्ट बिलासपुर और रायपुर में संचालित होगा। अब इसके गठन की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस कोर्ट के गठन के बाद जीएसटी टैक्स से जुड़े विवादों को जल्द से जल्द सुलझाया जा सकेगा। इन सभी मामलों की सुनवाई यहीं होगी।
30 दिन के अंदर पोर्टल में अपलोड करनी होगी रसीदें :
नवंबर से 100 करोड़ से ज्यादा टर्नओवर वाले कारोबारियों के लिए नया नियम भी लागू हुआ है। इस नियम के अंतर्गत कारोबारियों को 30 दिनों के भीतर रसीदों को जीएसटी पोर्टल में अपलोड करना होगा। कर विशेषज्ञों का कहना है कि इस नियम से टैक्स चोरों पर शिकंजा और कस गया है। टैक्स चोरी करना अब आसान नहीं होगा।