राजगढ़-पीपल्या रसोड़ा (म.प्र.) : कई बार बोरवेल में बच्चों के गिरने घटनायें सामने आती रहती है, इसमें बचाव कार्य करने के लिये काफी मशक्कत करनी पड़ जाती है, सबसे ज्यादा कठिन होता है, गिरे हुये बच्चे को मानसिक रूप से मजबूत रख पाना।राजगढ़ जिले के पीपल्या रसोड़ा गांव में मंगलवार को पांच साल की बच्ची खुले बोरवेल में गिर गई थी, जिसे बचाव कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। बच्ची को इलाज के लिए भोपाल के हमीदिया अस्पताल में स्रथानांतरित किया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, जिसके बाद परिजन गमगीन हो गये।
बच्ची के परिजनों को 4 लाख की आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स हैंडल पर लिखा कि राजगढ़ जिले के पिपलिया रसोड़ा में मासूम बच्ची के बोरवेल में गिरने के पश्चात आज भोपाल के हमीदिया अस्पताल में इलाज के दौरान उसके निधन का समाचार अत्यंत पीड़ा देने वाला है। दु:ख की इस घड़ी में हम सब मासूम के परिजनों के साथ हैं और बच्ची के परिवार को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जायेगी।
घटना की जानकारी लगने के बाद बाद बोड़ा थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। बालिका को आक्सीजन देने का प्रयास किया गया। इस दौरान बालिका की आवाज बोर के अंदर से लगातार सुनाई दे रही थी। घटना की जानकारी लगने पर एसडीईआरएफ की टीम, कलेक्टर, एसपी व विधायक भी मौके पर पहुंच गए थे, जहाँ बचाव कार्य शुरू किया गया था।
जानकारी के मुताबिक पटाडि़या धाकड़ गांव के रहने वाले रवि भिलाला की पांच वर्षीय बालिका अपने मामा-नाना के गांव पीपल्या रसोड़ा गई हुई थी। यहां पर बालिका के नाना इंदर भिलाला के खेत पर बोरवेल है। मंगलवार देर शाम को खेलने के दौरान बालिका उस खुले बोरवेल में जा गिरी। इसके बाद घटना की जानकारी बोड़ा थाना पुलिस को दी।
रस्सी डालने पर आ रही थी बालिका की आवाज :
बोड़ा थाना प्रभारी बल के साथ गांव पहुंचे। साथ ही आक्सीजन देने के लिए टीम को मौके पर बुलाया। टीम द्वारा बोरवेल में रस्सी डालकर उसे निकालने की कोशिश की गई। बालिका की आवाज आ रही थी। बालिका रस्सी को पकड़ने का प्रयास करती रही लेकिन वह बार-बार छूट रही थी। घटना की जानकारी लगने के बाद राजगढ़ से कलेक्टर हर्ष दीक्षित, एसपी धर्मराज मीना घटना स्थल पहुंचे। उधर नरसिंहगढ़ विधायक मोहन शर्मा भी वहां पहुंच गए थे।