67 हजार वोटों से भाजपा के बृजमोहन के जीतने का कारण बना ये विडियो….।

रायपुर : बृजमोहन अग्रवाल का हारना दक्षिण विधानसभा से नामुमकिन रहा है, उसका प्रमुख कारण चार दशकों से इस क्षेत्र में भाजपा समर्थकों के वोटों की संख्या ज्यादा रही है। इस बार रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट भाजपा के बृजमोहन ने रिकार्ड मतों से आठवीं बार जीत दर्ज की है, जीत तो हमेशा रही लेकिन इस बार की जीत अप्रत्याशित रही है, जहां मोदी फैक्टर को नकारना नामुमकिन है वहीँ, महिलाओं ने भी इस बार मतदान में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया है। कांग्रेस उम्‍मीदवार महंत डा. राम सुंदर दास की हार और बृजमोहन की जीत के पीछे बहुत से कारण माने जा रहे हैं। लेकिन चुनाव के दौरान रायपुर नगर निगम के महापौर एजाज ढेबर द्वारा मुस्लिम समुदाय के लिए किए गए वादे भी बृजमोहन की जीत का बड़ा कारण माना जा रहा है।

वीडियो सोशल मिडिया में तेजी से वायरल होने वाले इस विडियो को माना जा रहा है कारण :

चुनाव के दौरान कांग्रेस उम्‍मीदवार राम सुंदर दास के पक्ष में प्रचार के दौरान महापौर एजाज ढेबर ने मुस्लिम समुदाय को खुश करने के लिए बढ़-चढ़कर वादे किए थे। मुस्लिम समुदाय के लिए ढेबर द्वारा किए गए वादे वाला यह वीडियो सोशल मिडिया में तेजी से वायरल हो रहा है।

इस वायरल वीडियो में ढेबर रायपुर के हर वार्ड में एक मस्जिद और मुसलमानों की सुविधा के लिए शहर में दो जगह कब्रिस्‍तान के लिए पांच-पांच एकड़ जमीन आरक्षित करने का वादा करते नजर आ रहे हैं। मंच पर कांग्रेस उम्‍मीदवार महंत डा. राम सुंदर दास भी मौजूद हैं। लेकिन ढेबर के इस वादे के बाद भी कांग्रेस उम्‍मीदवार महंत डा. राम सुंदर दास को हार का सामना करना पड़ा। महापौर के दावे कांग्रेस के लिये नुकसानदायक साबित हुये।

ये भी रहे बृजमोहन की जीत के कारण :

बीजेपी की जीत में सबसे बड़ा कारण भाजपा प्रत्याशी बृजमोहन अग्रवाल का व्यवहार और मिलनसारिता को माना जा रहा है।

– यहां के मतदाताओं द्वारा हिंदुत्व के साथ ही विकास को प्रमुख माना गया। दक्षिण विधानसभा में हिंदूवादी मतदाता ज्यादा है।

– मतदाताओं का यह भी सोचना था कि भाजपा प्रत्याशी यहां काफी पहले से ही और बाहरी जिले का व्यक्ति आकर कैसे विकास करेगा।

– प्रचार प्रसार के मामले में भी बीजेपी के कार्यकर्ताओं द्वारा ग्राउंड लेवल पर पहुंचा गया, वहीं कांग्रेस की टीम बहुत से स्थानों पर पिछड़ गई।

– मतदाताओं का यह भी कहना रहा कि बीते पांच वर्षों में विकास कार्यों का भी आकलन किया गया और उसके बाद प्रत्याशी का चयन हुआ।

कांग्रेस की हार के ये भी रहे कारण :

– चुनाव से लगभग माहभर पहले ही कांग्रेस ने रायपुर दक्षिण से महंत रामसुंदर दास के नाम की घोषणा की। बताया जा रहा है कि रायपुर दक्षिण से चुनाव लड़ने के लिए महंत की पहले से कोई तैयारी नहीं थी।

– महंत के नाम के पहले रायपुर दक्षिण से कई प्रत्याशी दावेदार माने जा रहे थे और कांग्रेस पार्टी ने अचानक ही दूधाधारी मठ के प्रमुख महंत रामसुंदर दास को चुनावी मैदान में उतार दिया गया।

– लोगों में इस बात की भी चर्चा है कि जैसे ही कांग्रेस ने महंत के नाम की घोषणा की। उसके कुछ दिनों बाद ही इंटरनेट मीडिया में एक वीडियो भी वायरल हुआ। इसमें देखा गया कि महंत स्वयं ही कह रहे हैं कि वे रायपुर दक्षिण से चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं।

– सोशल मीडिया में एक और वीडियो वायरल हुआ जिसमें यह दिखाया गया कि महंत अगर जीते तो वे किसी और के हाथ की कठपुतली रहेंगे।

– महंत की हार के पीछे भीतरघात को भी बड़ा कारण माना जा रहा है।

हालाँकि जो भी हो लेकिन प्रमुख तौर पर जनता “कांग्रेस के 5 साल” के कामों से खुश नहीं थी।